श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस: आगरा किले से ठाकुर केशवदेव के विग्रह को निकलवाने की मांग, अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में दिया प्रार्थनापत्र
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के अधिवक्ता ने दावा किया है कि आगरा किले की मस्जिद के नीचे ठाकुर केशवदेव और चार अन्य विग्रह हैं। उन्होंने इन विग्रहों को निकलवाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है।
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आगरा किला परिसर में मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे से ठाकुर केशवदेव और चार अन्य विग्रहों (मूर्ति) को निकलवाने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। लखनऊ बेंच के अधिवक्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इस प्रार्थना पत्र में मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद के आर्किलॉजिकल सर्वे की मांग भी की गई है। कहा गया है कि इस संबंध में उनके द्वारा करीब एक वर्ष पूर्व मथुरा में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
अधिवक्ता वरुण कुमार मिश्रा की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में दावा किया कि मथुरा में औरंगजेब द्वारा जिस समय मंदिर को तुड़वाकर शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण कराया था, उस समय मंदिर के ठाकुर केशवदेव के विग्रह (मूर्ति) व अन्य चार और विग्रहों को आगरा किले की मस्जिद की सीढ़ियों की नीचे दबवा दिया था।
अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उनके द्वारा 14 अप्रैल 2021 को मथुरा के सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें अधिवक्ता वरुण कुमार मिश्रा भी वादीगण में से ही एक हैं। इस प्रार्थना पत्र में उन्होंने इन विग्रहों को निकलवाने और मथुरा की मस्जिद के आर्किलॉजिकल सर्वे कराने की मांग की थी, लेकिन न्यायालय द्वारा अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया है।
मंगलवार को इनके केसों पर होगी सुनवाई
सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह, अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी और नारायणी सेना के अध्यक्ष मनीष यादव के प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई होनी है। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कोर्ट कमीशन के मुद्दे पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
एडवोकेट राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि 26 मई को अवर न्यायालय में कोर्ट कमीशन की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया था। सिविल जज सीनियर डिवीजन ने एक जुलाई की तारीख तय की थी। इसे लेकर वह जिला जज की अदालत में रिवीजन में गए। जिला जज की अदालत से इसकी सुनवाई एडीजे सप्तम की अदालत में हुई। एडीजे सप्तम ने इसकी सुनवाई प्रतिदिन किए जाने के का आदेश दिया है।
नारायणी सेना के अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि उन्होंने ईदगाह परिसर के कोर्ट कमीशन सर्वे की मांग अदालत से की थी। इस संबंध में मंगलवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई होगी। इस संबंध में वह हाईकोर्ट भी गए हैं। जहां से पूरे मामले को चार माह के अंदर निस्तारित करने के आदेश हुए हैं।