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प्रशासन ने बनाई नकल विहीन परीक्षा की रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:03 AM IST
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‘अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट बैठकर परीक्षा कराएंगे। संवेदनशील केंद्रों पर भी नजर रखी जाएगी। नकल विहीन और शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा कराने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है। पुलिस का भी पूरा सहयोग मिलेगा।’ ये बातें प्रभारी जिलाधिकारी नगेंद्र प्रताप ने श्री रत्न मुनि जैन इंटर कालेज में कहीं। वे 18 फरवरी से 21 मार्च तक होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा के संबंध में गुरुवार को हो रही केंद्र व्यवस्थापकों और मजिस्ट्रेटों की बैठक में निर्देश दे रहे थे। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए सेक्टर, जोन और सुपर जोन में 92 मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई है।
प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ जमा हो रही है, या नकल के लिए दबाव बनाया जा रहा है तो इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल दी जाए। एसपी सिटी सुशील घुले और एसपी आरए बबीता साहू के नंबर सभी केंद्र व्यवस्थापकों को उपलब्ध करा दिया गया। डीआईओएस दिनेश कुमार यादव ने कहा कि निर्धारित समय से पूर्व प्रश्नपत्र खोला गया तो उसके लिए केंद्र व्यवस्थापक जिम्मेदार होंगे। प्रत्येक कक्ष निरीक्षक को कम से कम 20 पारी में ड्यूटी देनी होगी। सभी के पास परिचयपत्र होना चाहिए। डीआईओएस टू जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि केंद्र व्यवस्थापक रजिस्टर जरूर मेंटेन करें। बैठक में जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव, जीआईसी के प्रधानाचार्य डा. धर्मेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।
आनलाइन रिपोर्ट भेजने के लिए प्रशिक्षण दिया
केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षार्थियों की उपस्थिति की आनलाइन रिपोर्ट भेजने के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रधानाचार्य डा. अनिल वशिष्ठ और जीएस श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण दिया। केंद्र व्यवस्थापकों को मोबाइल का सिमकार्ड दिया गया। एंड्रायड मोबाइल में अटेंडेंस एप डाउनलोड करने और उसमें जानकारी भरने का तरीका समझाया गया। बैठक में पहुंचे अधिकतर प्रधानाचार्यों के पास एंड्रायड फोन नहीं था। उनको सलाह दी गई कि किसी जानकार शिक्षक से प्रक्रिया समझ लें।
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केंद्र व्यवस्थापकों को दिए गए निर्देश
- ब्लैकबोर्ड की मिट्टी से पुताई कर दी जाए, परीक्षा के दौरान गेट बंद न किया जाए।
- प्रश्नपत्र के रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी।
- बिना उत्तरपुस्तिका जमा किए कोई परीक्षार्थी बाहर न निकलने पाए।
- बालिकाओं की तलाशी पुरुष नहीं ले सकेंगे। चाहे कक्ष निरीक्षक हों, या उड़नदस्ता सदस्य।
- गेट पर परीक्षार्थियों की सघन चेकिंग की जाए। निषिद्ध चीजें न ले जा पाएं।
जानकारी की बातें
- जिस बालिका परीक्षा केंद्र पर महिला कक्ष निरीक्षक न हों, वह 15 फरवरी तक डिमांड भेजें।
- 13 फरवरी को कक्ष निरीक्षकों की सूची परीक्षा केंद्रों को ई-मेल से उपलब्ध करा दी जाएगी।
- 13 फरवरी को बैप्टिस्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में बैठक होगी, जरूरी जानकारी दी जाएगी।
एक नजर परीक्षा के आंकड़ों पर
कुल परीक्षार्थी 164471
हाईस्कूल 88320
इंटरमीडिएट 76151
परीक्षा केंद्र 348
संवेदनशील 91
अंति संवेदनशील 31
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प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ जमा हो रही है, या नकल के लिए दबाव बनाया जा रहा है तो इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल दी जाए। एसपी सिटी सुशील घुले और एसपी आरए बबीता साहू के नंबर सभी केंद्र व्यवस्थापकों को उपलब्ध करा दिया गया। डीआईओएस दिनेश कुमार यादव ने कहा कि निर्धारित समय से पूर्व प्रश्नपत्र खोला गया तो उसके लिए केंद्र व्यवस्थापक जिम्मेदार होंगे। प्रत्येक कक्ष निरीक्षक को कम से कम 20 पारी में ड्यूटी देनी होगी। सभी के पास परिचयपत्र होना चाहिए। डीआईओएस टू जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि केंद्र व्यवस्थापक रजिस्टर जरूर मेंटेन करें। बैठक में जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव, जीआईसी के प्रधानाचार्य डा. धर्मेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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आनलाइन रिपोर्ट भेजने के लिए प्रशिक्षण दिया
केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षार्थियों की उपस्थिति की आनलाइन रिपोर्ट भेजने के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रधानाचार्य डा. अनिल वशिष्ठ और जीएस श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण दिया। केंद्र व्यवस्थापकों को मोबाइल का सिमकार्ड दिया गया। एंड्रायड मोबाइल में अटेंडेंस एप डाउनलोड करने और उसमें जानकारी भरने का तरीका समझाया गया। बैठक में पहुंचे अधिकतर प्रधानाचार्यों के पास एंड्रायड फोन नहीं था। उनको सलाह दी गई कि किसी जानकार शिक्षक से प्रक्रिया समझ लें।
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केंद्र व्यवस्थापकों को दिए गए निर्देश
- ब्लैकबोर्ड की मिट्टी से पुताई कर दी जाए, परीक्षा के दौरान गेट बंद न किया जाए।
- प्रश्नपत्र के रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी।
- बिना उत्तरपुस्तिका जमा किए कोई परीक्षार्थी बाहर न निकलने पाए।
- बालिकाओं की तलाशी पुरुष नहीं ले सकेंगे। चाहे कक्ष निरीक्षक हों, या उड़नदस्ता सदस्य।
- गेट पर परीक्षार्थियों की सघन चेकिंग की जाए। निषिद्ध चीजें न ले जा पाएं।
जानकारी की बातें
- जिस बालिका परीक्षा केंद्र पर महिला कक्ष निरीक्षक न हों, वह 15 फरवरी तक डिमांड भेजें।
- 13 फरवरी को कक्ष निरीक्षकों की सूची परीक्षा केंद्रों को ई-मेल से उपलब्ध करा दी जाएगी।
- 13 फरवरी को बैप्टिस्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में बैठक होगी, जरूरी जानकारी दी जाएगी।
एक नजर परीक्षा के आंकड़ों पर
कुल परीक्षार्थी 164471
हाईस्कूल 88320
इंटरमीडिएट 76151
परीक्षा केंद्र 348
संवेदनशील 91
अंति संवेदनशील 31