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Agra News: पुलिस की लगाई गई एफआर अपर सिविल जज ने निरस्त की
Wed, 29 Oct 2025 11:11 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 29 Oct 2025 11:11 PM IST
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मैनपुरी। धोखाधड़ी करके बैनामा के मामले में कोतवाली पुलिस की एफआर (फाइनल रिपोर्ट) अपर सिविल जज ने निरस्त कर दी है। एसडीएम सदर और कोतवाली प्रभारी को मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख तय की गई है।
आश्रम रोड निवासी विजय बहादुर सिंह भदौरिया उर्फ ब्रजेश्वर सिंह ने थाना कोतवाली में एक जमीन का फर्जी बैनामा कराने की रिपोर्ट थाना कोतवाली में दर्ज कराई थी। धोखाधड़ी करके बैनामा करा लेने का आरोप वीरबहादुर सिंह, उदयप्रताप सिंह, भानुप्रताप सिंह, रजनी, शकुंतला, रामवीर सिंह, ओमप्रताप सिंह पर लगाया गया था। पुलिस द्वारा की गई विवेचना में विवेचक महक सिंह, संजीव कुमार दुबे, अरविंद कुमार ने रिपोर्ट को झूठा बताते हुए एफआर लगा दी।
पुलिस द्वारा लगाई गई एफआर को विजय बहादुर सिंह भदौरिया उर्फ ब्रजेश्वर सिंह ने न्यायालय में चुनौती दी। उन्होंने रिपोर्ट के समर्थन में न्यायालय में साक्ष्य भी पेश किए। अपर सिविल जज कोर्ट नंबर आठ आजम अब्बासी ने सुनवाई करने के बाद पुलिस द्वारा लगाई गई एफआर को निरस्त कर दिया है। एसडीएम सदर को आदेश दिया है कि मामले में जांच करके अपनी आख्या में न्यायालय में नियत तिथि तक प्रस्तुत करें। कोतवाली प्रभारी को आदेश दिया है कि वह स्वयं अथवा किसी अन्य विवेचक से अग्रिम विवेचना कराकर न्यायालय में आख्या प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख तय की गई है।
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आश्रम रोड निवासी विजय बहादुर सिंह भदौरिया उर्फ ब्रजेश्वर सिंह ने थाना कोतवाली में एक जमीन का फर्जी बैनामा कराने की रिपोर्ट थाना कोतवाली में दर्ज कराई थी। धोखाधड़ी करके बैनामा करा लेने का आरोप वीरबहादुर सिंह, उदयप्रताप सिंह, भानुप्रताप सिंह, रजनी, शकुंतला, रामवीर सिंह, ओमप्रताप सिंह पर लगाया गया था। पुलिस द्वारा की गई विवेचना में विवेचक महक सिंह, संजीव कुमार दुबे, अरविंद कुमार ने रिपोर्ट को झूठा बताते हुए एफआर लगा दी।
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पुलिस द्वारा लगाई गई एफआर को विजय बहादुर सिंह भदौरिया उर्फ ब्रजेश्वर सिंह ने न्यायालय में चुनौती दी। उन्होंने रिपोर्ट के समर्थन में न्यायालय में साक्ष्य भी पेश किए। अपर सिविल जज कोर्ट नंबर आठ आजम अब्बासी ने सुनवाई करने के बाद पुलिस द्वारा लगाई गई एफआर को निरस्त कर दिया है। एसडीएम सदर को आदेश दिया है कि मामले में जांच करके अपनी आख्या में न्यायालय में नियत तिथि तक प्रस्तुत करें। कोतवाली प्रभारी को आदेश दिया है कि वह स्वयं अथवा किसी अन्य विवेचक से अग्रिम विवेचना कराकर न्यायालय में आख्या प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख तय की गई है।
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