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परिषदीय स्कूलों को मिले अनुदान की रिपोर्ट तलब
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मैनपुरी। स्कूलों के कायाकल्प के लिए भेजे गए अनुदान (कंपोजिट ग्रांट) की अब जांच कराई जाएगी। राज्य परियोजना निदेशक ने जांच करने के लिए बीएसए को आदेश दिए है। उन्होंने 15 अगस्त तक हर हाल में रिपोर्ट तलब की है। जांच के आदेश के बाद प्रधानाध्यापकों में हड़कंप मच गया है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में अनुदान के रूप में कुल 6.13 करोड़ की धनराशि भेजी गई। इससे रंगाई-पुताई, स्वच्छता, खिड़की-दरवाजों की मरम्मत व अन्य छोटे कार्य कराए जाने थे। ये धनराशि विद्यालय में पंजीकृत छात्र संख्या के आधार पर भेजी गई थी। इसमें सबसे कम 12500 और अधिकतम एक लाख रुपये की धनराशि भेजने का प्रावधान था।
सभी प्रधानाध्यापकों ने धनराशि खर्च करने का प्रमाण पत्र भी दे दिया। लेकिन इसके बाद अब राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने स्कूलों में खर्च की गई कंपोजिट ग्रांट की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जांच रिपोर्ट 15 अगस्त तक हर हाल में उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इसके बाद बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
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परियोजना निदेशक द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र में कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि अगर जांच के दौरान कोई गड़बड़ी या घोटाला प्रकाश में आता है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर उन्हें की गई कार्रवाई से भी अवगत कराया जाए। ऐसे में अगर गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई भी 15 अगस्त से पहले ही हो जाएगी।
छात्र संख्या के आधार पर मिली थी धनराशि
1 से 14 छात्र तक 12500 रुपये, 15 से 100 छात्र तक 25 हजार रुपये
101 से 250 छात्र तक 50 हजार रुपये, 251 से 1000 छात्र तक 75 हजार रुपये
100 से अधिक छात्र पर एक लाख रुपये
परियोजना निदेशक के आदेश पर जांच की जा रही है। खंड शिक्षाधिकारियों को स्कूलों में जाकर जांच करने के लिए कहा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर उसे निदेशक को भेजा जाएगा।
-विजय प्रताप सिंह, बीएसए।
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जिले के परिषदीय विद्यालयों में अनुदान के रूप में कुल 6.13 करोड़ की धनराशि भेजी गई। इससे रंगाई-पुताई, स्वच्छता, खिड़की-दरवाजों की मरम्मत व अन्य छोटे कार्य कराए जाने थे। ये धनराशि विद्यालय में पंजीकृत छात्र संख्या के आधार पर भेजी गई थी। इसमें सबसे कम 12500 और अधिकतम एक लाख रुपये की धनराशि भेजने का प्रावधान था।
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सभी प्रधानाध्यापकों ने धनराशि खर्च करने का प्रमाण पत्र भी दे दिया। लेकिन इसके बाद अब राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने स्कूलों में खर्च की गई कंपोजिट ग्रांट की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जांच रिपोर्ट 15 अगस्त तक हर हाल में उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इसके बाद बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
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परियोजना निदेशक द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र में कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि अगर जांच के दौरान कोई गड़बड़ी या घोटाला प्रकाश में आता है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर उन्हें की गई कार्रवाई से भी अवगत कराया जाए। ऐसे में अगर गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई भी 15 अगस्त से पहले ही हो जाएगी।
छात्र संख्या के आधार पर मिली थी धनराशि
1 से 14 छात्र तक 12500 रुपये, 15 से 100 छात्र तक 25 हजार रुपये
101 से 250 छात्र तक 50 हजार रुपये, 251 से 1000 छात्र तक 75 हजार रुपये
100 से अधिक छात्र पर एक लाख रुपये
परियोजना निदेशक के आदेश पर जांच की जा रही है। खंड शिक्षाधिकारियों को स्कूलों में जाकर जांच करने के लिए कहा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर उसे निदेशक को भेजा जाएगा।
-विजय प्रताप सिंह, बीएसए।