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अवैध भूजल दोहन पर कार्रवाई: आगरा में सील छह आरओ वॉटर प्लांट, दोबारा चालू करने पर होगी एफआईआर
Fri, 24 Sep 2021 10:19 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 24 Sep 2021 10:19 AM IST
सार
आरओ प्लांट में दोहित भूजल का 60 प्रतिशत शोधित होता है। बाकी 40 प्रतिशत पानी नालियों में बहकर बर्बाद होता है। प्लांट के लिए वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम, फ्लो मीटर, पैजो मीटर, पंजीकरण व एनओसी अनिवार्य है।
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आगरा: वॉटर प्लांट का निरीक्षण करतीं अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अवैध रूप से अंधाधुंध भूजल दोहन कर रहे आरओ वॉटर प्लांट पर पहली बार शिकंजा कसा गया है। गुरुवार को भूगर्भ जल टास्क फोर्स ने छह आरओ प्लांट सील किए। संचालकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। 12 से 30 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है। दोबारा प्लांट चालू करने पर टास्क फोर्स मुकदमा दर्ज कराएगी।
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रोज लाखों लीटर भूजल का दोहन
शहर में 1500 से अधिक आरओ प्लांट हैं। किसी के पास एनओसी नहीं है। बिना पंजीकरण व मानकों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर रोज लाखों लीटर भूजल का दोहन हो रहा है। जिसके विरुद्ध जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने गुरुवार को कार्रवाई की। सहायक भू-भौतिकविद नम्रता जायसवाल और सहायक अभियंता लघु सिंचाई मंगल सिंह के नेतृत्व में टीम ने जीवनी मंडी, बल्केश्वर व रामबाग में आरओ प्लांटों का निरीक्षण किया। प्लांट संचालक एनओसी, पंजीकरण व अन्य प्रपत्र नहीं दिखा सके। जिसके बाद बिक्री पर रोक लगाते हुए प्लांट सील कर दिए गए हैं।
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प्रत्येक प्लांट पर 2 से 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा
भूगर्भ जल अधिकारी नम्रता जायसवाल ने बताया कि अवैध दोहन के मामले में नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रत्येक प्लांट पर 2 से 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा। अगर प्लांट दोबारा खुले तो संचालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अवैध भूजल दोहन, बोरिंग करने पर पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।
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रोज 40 प्रतिशत भूजल की बर्बादी
लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मंगल सिंह ने बताया कि आरओ प्लांट में दोहित भूजल का 60 प्रतिशत शोधित होता है। बाकी 40 प्रतिशत पानी नालियों में बहकर बर्बाद होता है। प्लांट के लिए वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम, फ्लो मीटर, पैजो मीटर, पंजीकरण व एनओसी अनिवार्य है। जिले में सभी तरह की बोरिंग पर प्रतिबंध है। बिना पंजीकरण कोई बोरिंग नहीं करा सकता। बोरिंग खोदाई करने वाली फर्मों को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
ये प्लांट हुए सील
- लकी इंटरप्राइजेज, जीवनी मंडी
- बालाजी प्योर ड्रिकिंग वॉटर एंड चिलर, जीवनी मंडी
- जमनादास आरओ प्लांट, जीवनी मंडी
- अनिल कुमार आरओ प्लांट, राजीव नगर बल्केश्वर
- एक्वा कूल, अनुराग नगर, बल्केश्वर
- विनीत कुमार मदान बेबरेजर्स, रामबाग
ये भी पढ़ें:
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लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मंगल सिंह ने बताया कि आरओ प्लांट में दोहित भूजल का 60 प्रतिशत शोधित होता है। बाकी 40 प्रतिशत पानी नालियों में बहकर बर्बाद होता है। प्लांट के लिए वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम, फ्लो मीटर, पैजो मीटर, पंजीकरण व एनओसी अनिवार्य है। जिले में सभी तरह की बोरिंग पर प्रतिबंध है। बिना पंजीकरण कोई बोरिंग नहीं करा सकता। बोरिंग खोदाई करने वाली फर्मों को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
ये प्लांट हुए सील
- लकी इंटरप्राइजेज, जीवनी मंडी
- बालाजी प्योर ड्रिकिंग वॉटर एंड चिलर, जीवनी मंडी
- जमनादास आरओ प्लांट, जीवनी मंडी
- अनिल कुमार आरओ प्लांट, राजीव नगर बल्केश्वर
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- विनीत कुमार मदान बेबरेजर्स, रामबाग
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