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पांच साल बाद आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज का शहर में हुआ मंगल प्रवेश
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एटा। पांच वर्ष बाद जैन संत आचार्य श्री 108 प्रमुख सागर महाराज का शहर में मंगल प्रवेश हुआ। वह पांच वर्ष पहले कासगंज रोड स्थित अहिंसा स्थल पर आयोजित पंचकल्याणक समारोह में आए थे।
आचार्य श्री 108 प्रमुख सागर महाराज ने शनिवार को इटावा नगर से पद विहार करते हुए शहर में प्रवेश किया। सुबह पांच बजे जीटी रोड स्थित चौधरी बदन सिंह इंटर कॉलेज से प्रवेश करते हुए अलीगंज तिराह, गोदाम चौकी, घंटाघर, मेहता पार्क, नन्नूमल चौराहा, पुलिया गर्वी होते हुए बड़े जैन मंदिर पहुंचे। रास्ते में जैन श्रावक-श्राविकाओं ने जगह-जगह रंगोली बनाकर महाराज का पाद प्रक्षालन किया एवं आरती उतारी। बडे़ जैन मंदिर में आयोजित प्रवचन सभा में आचार्यश्री ने एकता का संदेश दिया।
बताया कि आप दो हजार के नोट को कितना भी मोड़ कर फेंक दो लेकिन उसकी कीमत कम होने वाली नहीं लेकिन अगर आपने वह नोट फाड़कर टुकड़ों में कर दिया तो उसकी कीमत कम हो जाती है। इसी प्रकार आप बाजार में अंगूर लेने जाते हो तो अंगूर के गुच्छे की कीमत ज्यादा एवं टूटे अंगूरों की कीमत कम होती है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।
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आचार्य श्री 108 प्रमुख सागर महाराज ने शनिवार को इटावा नगर से पद विहार करते हुए शहर में प्रवेश किया। सुबह पांच बजे जीटी रोड स्थित चौधरी बदन सिंह इंटर कॉलेज से प्रवेश करते हुए अलीगंज तिराह, गोदाम चौकी, घंटाघर, मेहता पार्क, नन्नूमल चौराहा, पुलिया गर्वी होते हुए बड़े जैन मंदिर पहुंचे। रास्ते में जैन श्रावक-श्राविकाओं ने जगह-जगह रंगोली बनाकर महाराज का पाद प्रक्षालन किया एवं आरती उतारी। बडे़ जैन मंदिर में आयोजित प्रवचन सभा में आचार्यश्री ने एकता का संदेश दिया।
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बताया कि आप दो हजार के नोट को कितना भी मोड़ कर फेंक दो लेकिन उसकी कीमत कम होने वाली नहीं लेकिन अगर आपने वह नोट फाड़कर टुकड़ों में कर दिया तो उसकी कीमत कम हो जाती है। इसी प्रकार आप बाजार में अंगूर लेने जाते हो तो अंगूर के गुच्छे की कीमत ज्यादा एवं टूटे अंगूरों की कीमत कम होती है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।
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