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UP Crime: अंता से रामनिवास बनकर 40 साल काटी फरारी, अब धरा गया; गुस्से में सात वर्ष के बच्चे को मार डाला था
Wed, 17 May 2023 12:09 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 17 May 2023 12:09 AM IST
सार
आगरा का रहने वाला अंता नाम बदलकर रामनिवास बन गया और 40 साल तक फरारी काटता रहा। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। उसने गुस्से में सात वर्ष के बच्चे को मार डाला था।
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पुलिस गिरफ्त में बच्चे का हत्यारोपी अंता उर्फ अंतराम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खेरागढ़ में 40 साल पहले अधिवक्ता के सात वर्षीय पुत्र की हत्या कर आरोपी अंता उर्फ अंतराम, रामनिवास बन गया। फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया। राजमिस्त्री का काम करने लगा। दिल्ली में घर बसा लिया। बच्चे भी हो गए। फाइल में मफरूर घोषित होने के बावजूद पुलिस की तलाश बंद नहीं हुई। परिजन से घर मिलने आते ही सोमवार को पकड़ लिया गया। अब उसे जेल भेज दिया गया है।
मामले के अनुसार, मार्च 1982 में कसबा के ऊंट गिरी चौराहा निवासी अधिवक्ता नाहर सिंह के सात साल के बेटे हरेंद्र उर्फ भूरा का अपहरण किया गया था। परिवार से पांच लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी। थाना प्रभारी खेरागढ़ राजीव सोलंकी ने बताया कि अपहरण नाहर सिंह के पड़ोस में रहने वाले अंता उर्फ अंतराम और चंदा उर्फ चंद्रभान ने किया था। फिरौती नहीं दे पाने के कारण हरेंद्र की हत्या कर दी गई।
सात दिन बाद शव खिन्नी का बाग में बरामद हुआ था। पुलिस ने दबिश देकर चंदा को गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेज दिया गया। मगर, अंता का पता नहीं चला। पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी। परिजन पर शिकंजा कसा। मगर, हाथ नहीं आया। पुलिस ने अंता के घर की कुर्की कर दी। इसके बावजूद उसका पता नहीं चला। उसे मफरूर घोषित करने के बाद चार्जशीट लगा दी गई। उसका स्थायी वारंट भी जारी हो गया। तब आरोपियों की उम्र 19 से 20 साल थी।
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मामले के अनुसार, मार्च 1982 में कसबा के ऊंट गिरी चौराहा निवासी अधिवक्ता नाहर सिंह के सात साल के बेटे हरेंद्र उर्फ भूरा का अपहरण किया गया था। परिवार से पांच लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी। थाना प्रभारी खेरागढ़ राजीव सोलंकी ने बताया कि अपहरण नाहर सिंह के पड़ोस में रहने वाले अंता उर्फ अंतराम और चंदा उर्फ चंद्रभान ने किया था। फिरौती नहीं दे पाने के कारण हरेंद्र की हत्या कर दी गई।
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सात दिन बाद शव खिन्नी का बाग में बरामद हुआ था। पुलिस ने दबिश देकर चंदा को गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेज दिया गया। मगर, अंता का पता नहीं चला। पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी। परिजन पर शिकंजा कसा। मगर, हाथ नहीं आया। पुलिस ने अंता के घर की कुर्की कर दी। इसके बावजूद उसका पता नहीं चला। उसे मफरूर घोषित करने के बाद चार्जशीट लगा दी गई। उसका स्थायी वारंट भी जारी हो गया। तब आरोपियों की उम्र 19 से 20 साल थी।
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