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Agra News: जेल में आरोपी फिर भी बयान दर्ज नहीं कर पाई पुलिस

Sun, 14 Jun 2026 02:14 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 02:14 AM IST
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Accused in jail, yet police unable to record statement.
आगरा। ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में दो महीने बाद भी पुलिस की जांच अधूरी है। एक आरोपी रवि यादव के जेल जाने के बाद भी पुलिस अब तक उसके बयान तक दर्ज नहीं कर पाई है। इससे अन्य किसी आरोपी का नाम हत्याकांड में शामिल नहीं किया जा सका है। परिजन का आरोप है कि आरोपियों के रसूखदार होने के कारण जांच की गति बहुत धीमी है।
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मेवाती गली, शाहगंज निवासी ट्रांसपोर्टर असगर अली की 4 अप्रैल को मल्ल का चबूतरा में कार से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजन ने जीएसटी अधिकारी, उसके पति पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय यादव, उनके पुराने कार चालक, यमुनापार निवासी रवि यादव और मंटोला निवासी कामरान वारसी पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया था। हालांकि पुलिस ने अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज की थी। पहले हादसा, बाद में हत्या की धारा लगाई। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि मामले में पुलिस की जांच जारी है। रवि यादव जेल में बंद है। हत्या में उसका रिमांड कराया गया था। उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। उधर, परिवार के लोगों का कहना है कि जांच दो महीने बाद भी अधूरी है।
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सीसीटीवी फुटेज आया था सामने
ट्रांसपोर्टर हत्याकांड में सीसीटीवी फुटेज अहम हैं। कार से असगर अली को टक्कर मारी गई थी। परिजन ने घटना के बाद से ही हत्या का आरोप लगाया था। सीसीटीवी फुटेज से स्थिति साफ हो गई थी। मगर पुलिस मानने को तैयार नहीं थी। बाद में साक्ष्य संकलन किया गया। प्राथमिकी में हादसे की धारा को तरमीम कर हत्या की धारा की वृदि्ध की गई। कार को बरामद किया गया। रवि यादव का नाम बढ़ाया गया। मगर वो दूसरे मामले में कोर्ट में पेश हो गया। इस पर पुलिस ने उसका हत्या में रिमांड बनवाया।
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इतनी धीमी गति से क्यों चल रही पुलिस
सवाल उठ रहा है कि आरोपी रवि यादव जेल पहुंच चुका है। एक बार विवेचक बयान लेने गए थे। मगर उसने बयान देने से मना कर दिया। इसके बाद विवेचक बयान नहीं ले आए। इस मामले में जीएसटी अधिकारी और नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी पर आरोप लगे थे। चर्चा है कि बड़े नाम सामने आने के बाद पुलिस की चाल ढीली हो गई। इस चर्चित मामले में उतनी तेजी नहीं दिखाई जा रही, जितनी अमूमन मामलों में दिखाई जाती है।
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