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जेएनयू में महिला का अपमान करने वाले वामपंथियों का सर्वनाश तय: एबीवीपी अध्यक्ष
Sat, 23 Nov 2019 12:14 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 23 Nov 2019 12:14 AM IST
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एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस सुब्बैया
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा कॉलेज मैदान में शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का चार दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हुआ। राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. सुब्बैया ने कहा कि साम्यवाद विचारधारा सौ फीसदी नकारात्मक है।
उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक महिला शिक्षक को 30 घंटे बिना शौचालय वाले कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। महिला का अपमान करने वाले वामपंथी लोगों का सर्वनाश तय है। एबीवीपी इसके लिए प्रयास करेगा।
डॉ. एस सुब्बैया ने कहा कि इस देश ने देखा है कि एक महिला के अपमान पर महाभारत युद्ध हुआ। अपमान करने वालों का सर्वनाश भी हुआ। यहां युद्ध भी धर्म के आधार पर हुआ था। भगवान राम का जन्म रावण का वध करने के लिए हुआ था।
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उन्हें भी 14 वर्ष का वनवास हुआ। यह उनके प्रयास को दर्शाता है। इसी तरह एबीवीपी भी संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने नारा दिया, 'आग में चलेंगे, मौत से लड़ेंगे, फिर भी महिला सम्मान में पीछे नहीं हटेंगे।'
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उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक महिला शिक्षक को 30 घंटे बिना शौचालय वाले कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। महिला का अपमान करने वाले वामपंथी लोगों का सर्वनाश तय है। एबीवीपी इसके लिए प्रयास करेगा।
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डॉ. एस सुब्बैया ने कहा कि इस देश ने देखा है कि एक महिला के अपमान पर महाभारत युद्ध हुआ। अपमान करने वालों का सर्वनाश भी हुआ। यहां युद्ध भी धर्म के आधार पर हुआ था। भगवान राम का जन्म रावण का वध करने के लिए हुआ था।
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उन्हें भी 14 वर्ष का वनवास हुआ। यह उनके प्रयास को दर्शाता है। इसी तरह एबीवीपी भी संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने नारा दिया, 'आग में चलेंगे, मौत से लड़ेंगे, फिर भी महिला सम्मान में पीछे नहीं हटेंगे।'
'देश में इस समय एतिहासिक मोड़'
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि देश में इस समय एतिहासिक मोड़ आया है। राष्ट्र के आदर्श प्रभु श्रीराम का मंदिर अयोध्या में बनने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया है। यह दोनों निर्णय मील के पत्थर हैं।
उन्होंने कहा कि भारत एक आध्यात्मिक देश है। राम के बाण की हुंकार, भगवान कृष्ण का शंखनाद, भगवान शंकर का तांडव जनमानस को रोमांचित करता है।
बीए, बीएससी, बीकॉम में सेमेस्टर व्यवस्था न हो: आशीष चौहान
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री आशीष चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति जल्द आनी चाहिए। एबीवीपी ही ऐसा संगठन है, जिसने ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति से तीन बार मुलाकात करके अपने सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि आवासीय परिसर में संचालित संस्थानों के पाठ्यक्रम में सेमेस्टर व्यवस्था लागू की जा सकती है। जहां शिक्षक व विद्यार्थी रहते भी हों। ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों में बीए, बीएससी व बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली नहीं होनी चाहिए। छुट्टी और परीक्षा कार्यक्रम में समय बीत जाएगा। पढ़ाई नहीं हो पाएगी।
उन्होंने कहा कि भारत एक आध्यात्मिक देश है। राम के बाण की हुंकार, भगवान कृष्ण का शंखनाद, भगवान शंकर का तांडव जनमानस को रोमांचित करता है।
बीए, बीएससी, बीकॉम में सेमेस्टर व्यवस्था न हो: आशीष चौहान
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री आशीष चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति जल्द आनी चाहिए। एबीवीपी ही ऐसा संगठन है, जिसने ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति से तीन बार मुलाकात करके अपने सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि आवासीय परिसर में संचालित संस्थानों के पाठ्यक्रम में सेमेस्टर व्यवस्था लागू की जा सकती है। जहां शिक्षक व विद्यार्थी रहते भी हों। ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों में बीए, बीएससी व बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली नहीं होनी चाहिए। छुट्टी और परीक्षा कार्यक्रम में समय बीत जाएगा। पढ़ाई नहीं हो पाएगी।
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री आशीष चौहान
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, यहां न शिक्षक हैं और न संसाधन। कक्षा 10 में पढ़ने वाले विद्यार्थी का स्तर कक्षा आठ के विद्यार्थी जितना होता है। संगठन ने कर्नाटक के 100 स्कूलों को गोद लेकर में स्कूल बेल नाम से कार्यक्रम चलाया। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ गई।
स्कूलों में कृषि शिक्षा को बढ़ावा देना जरूरी: सुनील आंबेकर
एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने बातचीत में कहा कि देश के युवा सभी क्षेत्रों में योगदान दें। खासतौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए कृषि कॉलेजों पर फोकस बढ़ाना होगा।
स्कूली शिक्षा में कृषि पाठ्यक्रम को प्रमुखता देनी होगी। कृषि कार्य को प्रतिष्ठित न माने जाने की सोच को परिवर्तित करना होगा। एबीवीपी के कार्यकर्ता अनुभूति नाम से कार्यक्रम चला रहे हैं। इससे विद्यार्थी गांवों से जुड़ रहे हैं।
स्कूलों में कृषि शिक्षा को बढ़ावा देना जरूरी: सुनील आंबेकर
एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने बातचीत में कहा कि देश के युवा सभी क्षेत्रों में योगदान दें। खासतौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए कृषि कॉलेजों पर फोकस बढ़ाना होगा।
स्कूली शिक्षा में कृषि पाठ्यक्रम को प्रमुखता देनी होगी। कृषि कार्य को प्रतिष्ठित न माने जाने की सोच को परिवर्तित करना होगा। एबीवीपी के कार्यकर्ता अनुभूति नाम से कार्यक्रम चला रहे हैं। इससे विद्यार्थी गांवों से जुड़ रहे हैं।