रंग लाई कोशिश : 128 दिन बाद दादी से मिलेगा आकाश, जनता कर्फ्यू से परिवार से है दूर
- अमर उजाला में उसकी बेबसी की खबर छपने के बाद डीएम प्रभु एन सिंह ने सैन्य अफसरों से बात की। डीएम ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं।
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दरअसल, जनता कर्फ्यू में बाहर आने के बाद से आकाश को एयरफोर्स स्टेशन में वापस जाने की अनुमति नहीं मिल पा रही थी। अमर उजाला में उसकी बेबसी की खबर छपने के बाद डीएम प्रभु एन सिंह ने सैन्य अफसरों से बात की। डीएम ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। सैन्य अधिकारियों ने अनुमति दे दी है।
जांच रिपोर्ट आई निगेटिव
सैन्य अधिकारियों ने कहा था कि आकाश का कोरोना टेस्ट करा लिया जाए। इस पर प्रशासन ने जांच करा दी। रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसका पता चलते ही एयरफोर्स स्टेशन के बाहर आकाश खुशी से झूम उठा और अंदर उसकी दादी व परिवार के अन्य लोग।
इसी के साथ अजीत नगर के वे लोग भी भावुक हो गए, जिन्होंने चार महीनों से आकाश को अपने बच्चे की तरह घर में रखा है। अमर उजाला में उसके दादी से न मिल पाने की खबर पढ़कर सैन्य अधिकारी की पत्नी प्रीति फौजदार, एडवोकेट विवेक साराभाई और समाजसेवी बादल उपाध्याय भी उसे परिवार से मिलाने में जुट गए थे।
कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों से बात हो गई है। आकाश का कोविड टेस्ट भी हो चुका है। रिपोर्ट निगेटिव है। वह सोमवार को दादी के पास पहुंच जाएगा।
मां का निधन हो चुका, पिता लापता
आकाश की मां का निधन हो चुका है। कई साल से पिता लापता है। वह दादी के पास ही रहता है। दादी एयरफोर्स स्टेशन में काम करती है और सर्वेंट क्वार्टर में रहती है।