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सजायाफ्ता सिपाही बर्खास्त, गबन में मुंशी सस्पेंड
Agra
Updated Wed, 08 Jan 2014 05:42 AM IST
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आगरा। धोखाधड़ी और षड्यंत्र के एक मामले में सजा सुनाए जाने के बाद कांस्टेबल को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि पुलिस लाइन के आवास मुंशी को घोटाला करने के आरोप में निलंबित किया गया है। उसके द्वारा किए गए गबन की जांच की जा रही है।
एसएसपी कार्यालय के मुताबिक, शमसाबाद थाने में तैनात पुलिस आरक्षी श्यामवीर सिंह के खिलाफ सन 1989 से धोखाधड़ी और षड्यंत्र का मुकदमा चल रहा था। इस मामले में फीरोजाबाद न्यायालय ने उक्त मुंशी को दोषी पाते हुए सजा सुना दी। इसके बाद एसएसपी शलभ माथुर ने दंड एवं अपील नियमावली 1991 के प्रावधानों के तहत, पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का दोषी पाते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
दूसरी ओर, पुलिस लाइन में तैनात आवास मुंशी जगदीश सिंह ने पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों के गाय-भैंस पालने पर लगने वाले चार्ज के साथ ही एसी लगाने का धन वसूलता है। आवास मुंशी ने उक्त धन वसूलने के बाद उसे राजकोष में जमा नहीं करके उसका गबन कर लिया। गड़बड़ी प्रकाश में आने पर इसकी जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए मुंशी को निलंबित कर दिया गया है।
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एसएसपी कार्यालय के मुताबिक, शमसाबाद थाने में तैनात पुलिस आरक्षी श्यामवीर सिंह के खिलाफ सन 1989 से धोखाधड़ी और षड्यंत्र का मुकदमा चल रहा था। इस मामले में फीरोजाबाद न्यायालय ने उक्त मुंशी को दोषी पाते हुए सजा सुना दी। इसके बाद एसएसपी शलभ माथुर ने दंड एवं अपील नियमावली 1991 के प्रावधानों के तहत, पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का दोषी पाते हुए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
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दूसरी ओर, पुलिस लाइन में तैनात आवास मुंशी जगदीश सिंह ने पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों के गाय-भैंस पालने पर लगने वाले चार्ज के साथ ही एसी लगाने का धन वसूलता है। आवास मुंशी ने उक्त धन वसूलने के बाद उसे राजकोष में जमा नहीं करके उसका गबन कर लिया। गड़बड़ी प्रकाश में आने पर इसकी जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए मुंशी को निलंबित कर दिया गया है।
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