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पानी के लिए मोर्चाबंदी शुरू
Agra
Updated Sat, 27 Apr 2013 05:30 AM IST
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आगरा। पारा ऊपर चढ़ते ही शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है। यमुना का गिरता जलस्तर और लीकेज कोढ़ में खाज का काम कर रहे हैं। 22 अप्रैल को नगर निगम में सदन में पेयजल को लेकर तक हंगामा हो चुका है। बावजूद इसके बात नहीं बनी तो शुक्रवार को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के सदस्यों का गुस्सा फूट पड़ा। जीवनी मंडी जलकल कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। जीएम को चेतावनी दी कि पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो लड़ाई आरपार की होगी।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के सदस्य बड़ी संख्या में जीवनी मंडी स्थिति जलकल कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए जीएम का घेराव किया। प्रदर्शनकारी बोतलों में जलकल विभाग द्वारा सप्लाई किया जाने वाला दूषित जल भरकर ले गए थे। जिलाध्यक्ष मुरारी लाल गोयल ने बताया कि बल्केश्वर, पीर कल्याणी, सुल्तानगंज की पुलिया, लोहिया नगर, लंगड़े की चौकी, बापू नगर सहित शहर के बड़े हिस्से में पेयजल आपूर्ति ठप है। जहां सप्लाई है वहां दूषित पानी आ रहा है। हैंडपंप शोपीस बन चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जलकल विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में पार्षद मधुवाला अग्रवाल, सुमन गोयल, प्रदीप लूथरा, हअओम गोयल, अशोक अग्रवाल, ब्रह्मचारी, जवाहर, संध्या जोशी, कुमार ललित, भोला नाथ, दीक्षा बघेल, अर्चना सिंघल आदि शामिल थे।
इनबाक्स....
जलकल अफसरों से होगा जवाब तलब
आगरा। शहर में पेयजल और सीवर की समस्या पर 22 अप्रैल को विशेष सदन बुलाया गया था। पार्षदों ने जलकल विभाग के अधिकारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई थी। बाद सदन की बैठक स्थगित कर दी गई थी। स्थगित बैठक आज फिर होगी। पार्षदों का गुस्सा अभी तक शांत नहीं हुआ है। जलकल विभाग के अधिकारियों का सवालों का जवाब देना होगा।
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इनबाक्स.....
जलस्तर ने बजाई खतरे की घंटी
आगरा। एक ओर शहर में पानी की किल्लत बढ़ रही है दूसरी ओर यमुना का जलस्तर लगातार घट रहा है। प्रदूषण की मात्रा भी बढ़ गई है। इंटेकवेल तक पानी नहीं पहुंचने में दिक्कत हो रही है। जीवनी मंडी में पानी शोधित करने के लिए 80 पीपीएम क्लोरीन और 75 पीपीएम एलम की डोज दी जा रही है। शुक्रवार शाम को नदी का जलस्तर 481 फुट पर पहुंच गया। अधिकारियों की मानें तो 479 फुट के जलस्तर पर वाटर वर्क्स ठप हो जाएगा। इसको देखते हुए जलकल विभाग के चीफ केमिस्ट डा. दीपक को गोकुल बैराज भेजा गया है।
इनबाक्स....
30 फीसदी बढ़ जाती है डिमांड
आगरा। गर्मियों में पानी की डिमांड करीब 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। सिकंदरा वाटर वर्क्स की जल शोधन क्षमता 144 एमएलडी और जीवनी वाटर वर्क्स 224 एमएलडी की है। शहर की कुल डिमांड करीब 350 एमएलडी है। लेकिन दिक्कत यह कि जल शोधन में 10-20 प्रतिशत पानी वेस्ट हो जाता है। इस तरह सिकंदरा वाटर वर्क्स 90 एमएलडी और जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से 170 एमएलडी पानी शोधित होता है। यानी कुल 260 एमएलडी पानी वाटर वर्क्स से शहर को सप्लाई होता है। लीकेज की वजह से करीब 25 प्रतिशत बर्बाद हो जाता है।
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अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के सदस्य बड़ी संख्या में जीवनी मंडी स्थिति जलकल कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए जीएम का घेराव किया। प्रदर्शनकारी बोतलों में जलकल विभाग द्वारा सप्लाई किया जाने वाला दूषित जल भरकर ले गए थे। जिलाध्यक्ष मुरारी लाल गोयल ने बताया कि बल्केश्वर, पीर कल्याणी, सुल्तानगंज की पुलिया, लोहिया नगर, लंगड़े की चौकी, बापू नगर सहित शहर के बड़े हिस्से में पेयजल आपूर्ति ठप है। जहां सप्लाई है वहां दूषित पानी आ रहा है। हैंडपंप शोपीस बन चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जलकल विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में पार्षद मधुवाला अग्रवाल, सुमन गोयल, प्रदीप लूथरा, हअओम गोयल, अशोक अग्रवाल, ब्रह्मचारी, जवाहर, संध्या जोशी, कुमार ललित, भोला नाथ, दीक्षा बघेल, अर्चना सिंघल आदि शामिल थे।
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जलकल अफसरों से होगा जवाब तलब
आगरा। शहर में पेयजल और सीवर की समस्या पर 22 अप्रैल को विशेष सदन बुलाया गया था। पार्षदों ने जलकल विभाग के अधिकारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई थी। बाद सदन की बैठक स्थगित कर दी गई थी। स्थगित बैठक आज फिर होगी। पार्षदों का गुस्सा अभी तक शांत नहीं हुआ है। जलकल विभाग के अधिकारियों का सवालों का जवाब देना होगा।
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जलस्तर ने बजाई खतरे की घंटी
आगरा। एक ओर शहर में पानी की किल्लत बढ़ रही है दूसरी ओर यमुना का जलस्तर लगातार घट रहा है। प्रदूषण की मात्रा भी बढ़ गई है। इंटेकवेल तक पानी नहीं पहुंचने में दिक्कत हो रही है। जीवनी मंडी में पानी शोधित करने के लिए 80 पीपीएम क्लोरीन और 75 पीपीएम एलम की डोज दी जा रही है। शुक्रवार शाम को नदी का जलस्तर 481 फुट पर पहुंच गया। अधिकारियों की मानें तो 479 फुट के जलस्तर पर वाटर वर्क्स ठप हो जाएगा। इसको देखते हुए जलकल विभाग के चीफ केमिस्ट डा. दीपक को गोकुल बैराज भेजा गया है।
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30 फीसदी बढ़ जाती है डिमांड
आगरा। गर्मियों में पानी की डिमांड करीब 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। सिकंदरा वाटर वर्क्स की जल शोधन क्षमता 144 एमएलडी और जीवनी वाटर वर्क्स 224 एमएलडी की है। शहर की कुल डिमांड करीब 350 एमएलडी है। लेकिन दिक्कत यह कि जल शोधन में 10-20 प्रतिशत पानी वेस्ट हो जाता है। इस तरह सिकंदरा वाटर वर्क्स 90 एमएलडी और जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से 170 एमएलडी पानी शोधित होता है। यानी कुल 260 एमएलडी पानी वाटर वर्क्स से शहर को सप्लाई होता है। लीकेज की वजह से करीब 25 प्रतिशत बर्बाद हो जाता है।