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झिलमिलाए धरा-गगन
Agra
Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
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आगरा। कार्तिक की अमावस पर घरों में जब झमकें (रोशनी) झमकीं तो धरा से गगन तक सतरंगी रोशनी से नहा उठे। श्रद्धा की पूजा ने अंधेरे का विनाश कर आस्था का प्रकाश फैलाया। घर के कोने-कोने तक दीप पंक्तियों को सजाकर श्रीलक्ष्मी गणेश और कुबेर की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि, ज्ञान और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई। दिवाली के उत्सव को आतिशी नजारों ने और रंगबिरंगा किया।
दिवाली उत्सव पर मंगलवार को घर-घर दीपों से सजे। खील-खिलौने, अक्षत, रोली, मौलि, सुपारी, पान, कमल के पुष्प से महालक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा अर्चना कर उनसे अपने घर में निवास करने की प्रार्थना की गई। दिन भर की तैयारी और इंतजार के बाद बच्चों ने आतिशबाजी से जमकर धमाल मचाया। अनार, फुलझड़ी, पटाखे, सितारा, चमकी, मेहताब, चकरी का आनंद लिया तो बम भी चलाए। देर रात तक लोग एक दूसरे के घरों में प्रसाद और उपहार लेकर जाते रहे। दीप पंक्तियों, मोमबत्ती की रोशनी ने जहां धरा को प्रकाशित किया वहीं आतिशबाजी के आतिशी नजारों ने नभ में सतरंगी उजाला भरा।
भाई की लंबी उम्र को करेंगी यमुना स्नान
आगरा। पंचोत्सव के आखिरी पर्व भैया दौज का अपना खास महत्व है। बहनें जहां भाई को टीका कर उनकी लंबी उम्र की कामना करेंगी, वहीं उनके साथ स्नान कर यम फांस से मुक्ति मांगेगी। मथुरा के विश्राम घाट पर लाखों की संख्या में भाई बहन साथ-साथ स्नान करते हैं। माना जाता है कि आज के ही दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने के लिए आए थे। यमुना ने यम को भोजन कराया। उनसे प्रसन्न होकर यम ने वरदान दिया था कि जो भाई बहन आज के दिन यमुना में एक साथ स्नान करेंगे वह दीर्घायु होंगे। तब से माना जाता है कि भाई दौज पर यमुना में भाई- बहन के साथ स्नान करने पर वह दीर्घायु होते हैं। साथ ही बहन के घर भाई का टीका करने जाना शुभ माना जाता है।
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टीका के लिए है शुभ-लाभ-अमृत बेला
संस्कृत मनीषी डा. चंदन लाल पाराशर का कहना है कि गुरुवार को दिन में कई बार अच्छी चौघड़िया है। इस समय टीका करने और भाई- बहन के साथ स्नान करने से अच्छे फल की प्राप्ति होगी। सुबह छह बजे से साढ़े सात बजे तक शुभ की चौघड़िया है। इसके बाद दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक लाभ और अमृत की चौघड़िया है। इसके बाद शाम 4:30 बजे से 7:30 बजे तक शुभ और अमृत की चौघड़िया है। इससे इतर समय में रोग, काल, चंचल, उद्वेग की चौघड़िया है। इसमें टीका और स्नान न करें। टीका के लिए चौघड़िया का ध्यान रखें। साथ ही गुरुवार का दिन होने के कारण दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक के बीच टीका और यमुना स्नान ज्यादा फलदायी होंगे।
साज बाज और सेहरा से समरसता की रोशनी
आगरा। दिवाली की रोशनी के बीच विलासपुर और टीकमगढ़ के राजगीरों ने लोक परंपरा के साथ सामाजिक समरसता का संदेश दिया। देवी और सामाजिक समरसता के गीतों के संग उनकी टोली ‘साज बाज और सेहरा’ उत्सव के संग श्रमिकों के घर गई और लाठी डंडे बजा कर दरिद्रता को भगाया। साथ ही घरों में सुख समृद्धि के खील-बताशे छींट कर सुख, शांति, ज्ञान और आरोग्य की कामना की।
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दिवाली उत्सव पर मंगलवार को घर-घर दीपों से सजे। खील-खिलौने, अक्षत, रोली, मौलि, सुपारी, पान, कमल के पुष्प से महालक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा अर्चना कर उनसे अपने घर में निवास करने की प्रार्थना की गई। दिन भर की तैयारी और इंतजार के बाद बच्चों ने आतिशबाजी से जमकर धमाल मचाया। अनार, फुलझड़ी, पटाखे, सितारा, चमकी, मेहताब, चकरी का आनंद लिया तो बम भी चलाए। देर रात तक लोग एक दूसरे के घरों में प्रसाद और उपहार लेकर जाते रहे। दीप पंक्तियों, मोमबत्ती की रोशनी ने जहां धरा को प्रकाशित किया वहीं आतिशबाजी के आतिशी नजारों ने नभ में सतरंगी उजाला भरा।
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भाई की लंबी उम्र को करेंगी यमुना स्नान
आगरा। पंचोत्सव के आखिरी पर्व भैया दौज का अपना खास महत्व है। बहनें जहां भाई को टीका कर उनकी लंबी उम्र की कामना करेंगी, वहीं उनके साथ स्नान कर यम फांस से मुक्ति मांगेगी। मथुरा के विश्राम घाट पर लाखों की संख्या में भाई बहन साथ-साथ स्नान करते हैं। माना जाता है कि आज के ही दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने के लिए आए थे। यमुना ने यम को भोजन कराया। उनसे प्रसन्न होकर यम ने वरदान दिया था कि जो भाई बहन आज के दिन यमुना में एक साथ स्नान करेंगे वह दीर्घायु होंगे। तब से माना जाता है कि भाई दौज पर यमुना में भाई- बहन के साथ स्नान करने पर वह दीर्घायु होते हैं। साथ ही बहन के घर भाई का टीका करने जाना शुभ माना जाता है।
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टीका के लिए है शुभ-लाभ-अमृत बेला
संस्कृत मनीषी डा. चंदन लाल पाराशर का कहना है कि गुरुवार को दिन में कई बार अच्छी चौघड़िया है। इस समय टीका करने और भाई- बहन के साथ स्नान करने से अच्छे फल की प्राप्ति होगी। सुबह छह बजे से साढ़े सात बजे तक शुभ की चौघड़िया है। इसके बाद दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक लाभ और अमृत की चौघड़िया है। इसके बाद शाम 4:30 बजे से 7:30 बजे तक शुभ और अमृत की चौघड़िया है। इससे इतर समय में रोग, काल, चंचल, उद्वेग की चौघड़िया है। इसमें टीका और स्नान न करें। टीका के लिए चौघड़िया का ध्यान रखें। साथ ही गुरुवार का दिन होने के कारण दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक के बीच टीका और यमुना स्नान ज्यादा फलदायी होंगे।
साज बाज और सेहरा से समरसता की रोशनी
आगरा। दिवाली की रोशनी के बीच विलासपुर और टीकमगढ़ के राजगीरों ने लोक परंपरा के साथ सामाजिक समरसता का संदेश दिया। देवी और सामाजिक समरसता के गीतों के संग उनकी टोली ‘साज बाज और सेहरा’ उत्सव के संग श्रमिकों के घर गई और लाठी डंडे बजा कर दरिद्रता को भगाया। साथ ही घरों में सुख समृद्धि के खील-बताशे छींट कर सुख, शांति, ज्ञान और आरोग्य की कामना की।