फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   वीर भूमि के शहीदों की तारण हार बनी पतित पावनी

वीर भूमि के शहीदों की तारण हार बनी पतित पावनी

Fri, 22 Feb 2019 11:24 PM IST
faeem faeem faeem faeem
Updated Fri, 22 Feb 2019 11:24 PM IST
विज्ञापन
वीर भूमि के शहीदों की तारण हार बनी पतित पावनी
वीर भूमि के शहीदों की तारण हार बनी पतित पावनी - फोटो : अमर उजाला
कासगंज। सदियों से तीर्थनगरी सोरों की हरिपदी गंगा में राजा, महाराजाओं, संतों, विद्वानों, राजनेताओं और न जाने कितने करोड़ों लोगों की अस्थियां विसर्जित हो चुकीं हैं, लेकिन इस समय तीर्थ नगरी सोरों में पुलवामा आतंकी हमले के कई शहीदों की अस्थियां विसर्जित की गई हैं। शहीदों के परिवार का तीर्थ नगरी से अमिट रिश्ता बना है। यह रिश्ता इसलिए और महत्वपूर्ण है कि तीर्थनगरी के पुरोहितों की बहियों में वीर जवानों की शहादत का पूरा ब्यौरा दर्ज किया जा रहा है। जो सदियों तक शहीदों के अस्थि विसर्जन का प्रमाण होगा।
विज्ञापन

तीर्थनगरी सोरों की हरिपदी गंगा के घाटों पर शहीदों की अस्थियां सोरों के पुरोहितों और बाशिंदों की मौजूदगी में विधि विधानपूर्वक विसर्जित की गईं हैं। आगरा के शहीद कौशल रावत, भरतपुर के शहीद जीतराम की अस्थियां पहले ही हरिपदी के घाटों पर विसर्जित की जा चुकीं हैं। शुक्रवार को राजस्थान में धौलपुर के राजाखेड़ के गांव जैतपुर के शहीद जवान भागीरथ की अस्थि विसर्जित की गईं। इन शहीद हुए वीर जवानों की पूरी गाथा सोरों के पुरोहितों की बहियों में अंकित की जा रहीं हैं। जब भी शहीदों के परिवार के लोग तीर्थनगरी में गंगा स्नान में आएंगे तो पुरोहितों की बहियां उनके लाल की शहादत का स्मरण दोहराएंगी। पुरोहित ने बहियों में शहादत का पूरा ब्यौरा बड़ी भावुकता के साथ दर्ज किया है।
विज्ञापन

शहीद भागीरथ का ब्यौरा दर्ज करने वाले पुरोहित नीरज तिवारी ने बताया कि शहादत का पूरा ब्यौरा और अस्थि विसर्जन का ब्यौरा बही में दर्ज किया गया है। इन शहीदों से और उनके परिजनों से तीर्थ नगरी का अमिट रिश्ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सैंकड़ों वर्ष पुराना ब्यौरा दर्ज है बहियों में
कासगंज। तीर्थनगरी सोरों के पुरोहितों की बहियों में सैकड़ों वर्ष पुराना ब्यौरा दर्ज है। तमाम राजा, महाराजाओं ने कब-कब सोरों में यात्रा की। कब गंगास्नान किया, कब पूजा अनुष्ठान आदि ब्यौरा बहियों में दर्ज है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के तमाम राजाओं की अस्थियां यहां विसर्जित हुईं हैं। इसके अलावा तमाम नामचीन हस्तियों की यात्रा आदि का ब्यौरा पुरोहितों की बहियों में दर्ज है। जो तीर्थनगरी का एक बड़ा इतिहास है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed