{"_id":"5c45f7d1bdec227364369bbb","slug":"91548089297-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे ट्रैक का निर्धारित समयावधि में विद्युतीकरण होना मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे ट्रैक का निर्धारित समयावधि में विद्युतीकरण होना मुश्किल
विज्ञापन
ऐशबाग रेलवे स्टेशन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। मथुरा से कानपुर के बीच किए जा रहे विद्युतीकरण का काम निर्धारित समय अवधि में पूरा होता नहीं दिख रहा। जबकि रेलवे को ये काम फरवरी तक पूरा करना था।
मथुरा से कानपुर तक रेलवे द्वारा रेल लाइन विद्युतीकरण का काम कराया जा रहा है। दो साल पहले रेल मंत्रालय से स्वीकृत इस परियोजना पर काम शुरू हुआ। मार्च 2019 तक मथुरा-कानुपर के बीच रेलवे ट्रैक पर इलैक्ट्रिक इंजन दौड़ाने का लक्ष्य तय किया गया था। निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए रेलवे ने कार्यदायी संस्था इरकॉन और रेल विकास निगम को मथुरा से कासगंज और कासगंज से कानुपर तक विद्युतीकरण का काम सौंपा। कार्यदायी संस्थाओं ने काम शुरू किया, लेकिन गति धीमी रही। मथुरा मार्ग पर इरकॉन संस्था ने तो 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया, लेकिन कानपुर मार्ग पर काम की गति काफी धीमी है। रेलवे के अधिकारियों ने माना है कि निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूरा करना चुनौती है। इज्जनगर मंडल के रेल प्रबंधक दिनेश कुमार ने कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस भेजकर काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी है।
आंकड़े-
- 100 किलोमीटर कासगंज-मथुरा रेल लाइन तक होना है विद्युतीकरण।
- 247 किलोमीटर कासगंज-कानुपुर रेल लाइन तक होना है विद्युतीकरण।
- 300 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत है परियोजना के लिए।
- 4 जोड़ी नई ट्रेनें प्रस्तावित हैं विद्युतीकरण के बाद।
- मार्च तक रेल लाइन का विद्युतीकरण किए जाने का लक्ष्य तय है, लेकिन अप्रैल तक विद्युतीकरण का काम पूरा होने की संभावना है। मई-जून से मथुरा-कानपुर के बीच इलैक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेगी: राजेंद्र सिंह, पीआरओ।
विज्ञापन
फोटो प्रेषित है
विज्ञापन
मथुरा से कानपुर तक रेलवे द्वारा रेल लाइन विद्युतीकरण का काम कराया जा रहा है। दो साल पहले रेल मंत्रालय से स्वीकृत इस परियोजना पर काम शुरू हुआ। मार्च 2019 तक मथुरा-कानुपर के बीच रेलवे ट्रैक पर इलैक्ट्रिक इंजन दौड़ाने का लक्ष्य तय किया गया था। निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए रेलवे ने कार्यदायी संस्था इरकॉन और रेल विकास निगम को मथुरा से कासगंज और कासगंज से कानुपर तक विद्युतीकरण का काम सौंपा। कार्यदायी संस्थाओं ने काम शुरू किया, लेकिन गति धीमी रही। मथुरा मार्ग पर इरकॉन संस्था ने तो 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया, लेकिन कानपुर मार्ग पर काम की गति काफी धीमी है। रेलवे के अधिकारियों ने माना है कि निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूरा करना चुनौती है। इज्जनगर मंडल के रेल प्रबंधक दिनेश कुमार ने कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस भेजकर काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी है।
विज्ञापन
आंकड़े-
- 100 किलोमीटर कासगंज-मथुरा रेल लाइन तक होना है विद्युतीकरण।
- 247 किलोमीटर कासगंज-कानुपुर रेल लाइन तक होना है विद्युतीकरण।
- 300 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत है परियोजना के लिए।
- 4 जोड़ी नई ट्रेनें प्रस्तावित हैं विद्युतीकरण के बाद।
- मार्च तक रेल लाइन का विद्युतीकरण किए जाने का लक्ष्य तय है, लेकिन अप्रैल तक विद्युतीकरण का काम पूरा होने की संभावना है। मई-जून से मथुरा-कानपुर के बीच इलैक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेगी: राजेंद्र सिंह, पीआरओ।
विज्ञापन
फोटो प्रेषित है