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पीएचसी के टैंक में गिरकर मासूम की मौत
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:55 PM IST
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टूंडला (फिरोजाबाद)। घर से खेलने निकली तीन वर्षीय एक मासूम बालिका की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पानी के टैंक में गिरकर मौत हो गई। बालिका का शव टैंक में तैरते मिला। इकलौती बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही बालिका के शव का अंतिम संस्कार कर दिय्रा।
थाना क्षेत्र के गांव हिरनगांव निवासी रवि किशन फिरोजाबाद स्थित कांच फैक्ट्री में काम करता है। वह शनिवार सुबह काम पर चला गया था तथा उसकी पत्नी घरेलू कामकाज में व्यस्त हो गयी थी। इसी बीच सुबह 10 बजे करीब उनकी इकलौती तीन वर्षीय पुत्री अंशी घर से खेलने निकल गई। खेलते-खेलते वह कब गांव में ही बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच गयी, किसी को पता ही नहीं चला।
दोपहर 12 बजे करीब जब अंशी को घर में इधर-उधर खोजा गया तो वह नहीं मिली। तब परिजनों ने उसकी आसपास तलाश की। खोजते हुए परिजन बंद पड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां स्थित पानी के टैंक में अंशी का शव तैरता देख परिजनों में कोहराम मच गया। बच्ची को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्ची की मौत हो जाने से परिजनों का बुरा हाल था। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही अंशी के शव को दफना दिया। थाना प्रभारी बीडी पांडेय ने बताया कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं दी गयी है।
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हिरनगांव में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए वर्षों पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया था। यह भवन बन तो गया, लेकिन आज तक वहां कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। इसके चलते अस्पताल बंद रहता है। टैंक को भी खुला छोड़ दिया गया है। खुले टैंक में पानी भरा होने से उक्त घटना हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने खुले पड़े टैंक को बंद कर दिया।
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थाना क्षेत्र के गांव हिरनगांव निवासी रवि किशन फिरोजाबाद स्थित कांच फैक्ट्री में काम करता है। वह शनिवार सुबह काम पर चला गया था तथा उसकी पत्नी घरेलू कामकाज में व्यस्त हो गयी थी। इसी बीच सुबह 10 बजे करीब उनकी इकलौती तीन वर्षीय पुत्री अंशी घर से खेलने निकल गई। खेलते-खेलते वह कब गांव में ही बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच गयी, किसी को पता ही नहीं चला।
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दोपहर 12 बजे करीब जब अंशी को घर में इधर-उधर खोजा गया तो वह नहीं मिली। तब परिजनों ने उसकी आसपास तलाश की। खोजते हुए परिजन बंद पड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां स्थित पानी के टैंक में अंशी का शव तैरता देख परिजनों में कोहराम मच गया। बच्ची को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्ची की मौत हो जाने से परिजनों का बुरा हाल था। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही अंशी के शव को दफना दिया। थाना प्रभारी बीडी पांडेय ने बताया कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं दी गयी है।
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हिरनगांव में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए वर्षों पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया था। यह भवन बन तो गया, लेकिन आज तक वहां कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। इसके चलते अस्पताल बंद रहता है। टैंक को भी खुला छोड़ दिया गया है। खुले टैंक में पानी भरा होने से उक्त घटना हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने खुले पड़े टैंक को बंद कर दिया।