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तारकोल व्यापारी की मौत का मामला गर्माया, पुलिस पर उठी उंगली
Updated Mon, 15 Oct 2018 10:49 PM IST
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मथुरा। तारकोल व्यापारी अशोक अग्रवाल की मौत के मामला गरमा गया है। परिवार वालों का कहना है कि पुलिस हत्या को आत्महत्या बनाने पर तुली है। घर वालों ने एसएसपी से मिलकर इस मामले की विवेचना किसी दूसरे थाने से कराने की मांग की है।
वहीं, पुलिस ने आरोपी शिवराज ठाकुर और उसके साथी लक्ष्मण को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी मानते हुए एसीजेएम तृतीय मयूर जैन की कोर्ट में पेश करके रिमांड मांगी थी। जिस पर कोर्ट ने पुलिस को रिमांड देने से मना कर दिया और धारा 306 का साक्ष्य पेश करने को कहा है।
सात अक्तूबर को घर के बाहर से लापता हुए कोतवाली क्षेत्र की रुक्मिणी विहार कालोनी निवासी तारकोल व्यापारी अशोक अग्रवाल का शव 13 अक्तूबर को कोसीकलां के कोटवन में पेड़ पर लटका मिला था। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, वहीं, परिवारीजनों ने एसएसपी बबलू कुमार को वीडियो फुटेज और शव के पास में पड़ी पानी की बोतल व केले मिलने के फोटो दिखाकर बताया है कि मामला हत्या का है।
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अशोक अग्रवाल के पुत्र हर्ष अग्रवाल ने प्रकरण की विवेचना कोतवाली से हटाकर किसी दूसरे थाने या क्राइम ब्रांच से कराए जाने की मांग की। एसएसपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज आदि का गहन परीक्षण करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए।
वहीं, पुलिस ने शिवराज ठाकुर और उसके साथी लक्ष्मण को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए एसीजेएम तृतीय की कोर्ट में पेश किया और रिमांड मांगी। अदालत ने पुलिस से कहा कि पहले साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जाएं। लिहाजा शिवराज और उसका साथी अभी पुलिस कस्टडी में ही रहेगा।
वादी पक्ष के अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद सिंघल तथा भूपेन्द्र उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि यह मामला अपहरण तथा हत्या का है। कोर्ट ने आरोपी को वापस कर दिया। कोतवाली इंस्पेक्टर विकास तोमर का कहना है कि मंगलवार को साक्ष्य जुटाकर दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुुलिस का कहना है कि शिवराज सिंह और उसके साथी लक्ष्मण ने अशोक अग्रवाल को धमकाया था। दोनों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
लापता होने से पहले तारकोल व्यापारी को मिली थी धमकी
मथुरा। अशोक अग्रवाल की मौत के राज को खोलने में जुटी पुलिस भले ही अभी कुछ नहीं कह रही हो, लेकिन उसके लापता होने से आधा घंटे पहले दी गई धमकी का ऑडियो वायरल होने से पुलिस का शक गहराता जा रहा है। अशोक अग्रवाल को सात अक्तूबर की रात करीब नौ बजे बैटरी चोरी के मामले में देख लेने की धमकी दी गई। इस धमकी में अशोक अग्रवाल पर बैटरी चोरी का इल्जाम लगाया जा रहा है। इसके आधा घंटे बाद ही वह घर के बाहर से लापता हो गए थे। परिजन की मानें तो करीब साढ़े नौ बजे तारकोल व्यापारी का फोन बेटे के पास आया था, उस फोन पर उन्होंने चीखते हुए अपने बेटे से नाम लेकर कहा था कि उसे यह लोग उठा रहे हैं बचा लो..।
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वहीं, पुलिस ने आरोपी शिवराज ठाकुर और उसके साथी लक्ष्मण को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी मानते हुए एसीजेएम तृतीय मयूर जैन की कोर्ट में पेश करके रिमांड मांगी थी। जिस पर कोर्ट ने पुलिस को रिमांड देने से मना कर दिया और धारा 306 का साक्ष्य पेश करने को कहा है।
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सात अक्तूबर को घर के बाहर से लापता हुए कोतवाली क्षेत्र की रुक्मिणी विहार कालोनी निवासी तारकोल व्यापारी अशोक अग्रवाल का शव 13 अक्तूबर को कोसीकलां के कोटवन में पेड़ पर लटका मिला था। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, वहीं, परिवारीजनों ने एसएसपी बबलू कुमार को वीडियो फुटेज और शव के पास में पड़ी पानी की बोतल व केले मिलने के फोटो दिखाकर बताया है कि मामला हत्या का है।
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अशोक अग्रवाल के पुत्र हर्ष अग्रवाल ने प्रकरण की विवेचना कोतवाली से हटाकर किसी दूसरे थाने या क्राइम ब्रांच से कराए जाने की मांग की। एसएसपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज आदि का गहन परीक्षण करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए।
वहीं, पुलिस ने शिवराज ठाकुर और उसके साथी लक्ष्मण को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए एसीजेएम तृतीय की कोर्ट में पेश किया और रिमांड मांगी। अदालत ने पुलिस से कहा कि पहले साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जाएं। लिहाजा शिवराज और उसका साथी अभी पुलिस कस्टडी में ही रहेगा।
वादी पक्ष के अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद सिंघल तथा भूपेन्द्र उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि यह मामला अपहरण तथा हत्या का है। कोर्ट ने आरोपी को वापस कर दिया। कोतवाली इंस्पेक्टर विकास तोमर का कहना है कि मंगलवार को साक्ष्य जुटाकर दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुुलिस का कहना है कि शिवराज सिंह और उसके साथी लक्ष्मण ने अशोक अग्रवाल को धमकाया था। दोनों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
लापता होने से पहले तारकोल व्यापारी को मिली थी धमकी
मथुरा। अशोक अग्रवाल की मौत के राज को खोलने में जुटी पुलिस भले ही अभी कुछ नहीं कह रही हो, लेकिन उसके लापता होने से आधा घंटे पहले दी गई धमकी का ऑडियो वायरल होने से पुलिस का शक गहराता जा रहा है। अशोक अग्रवाल को सात अक्तूबर की रात करीब नौ बजे बैटरी चोरी के मामले में देख लेने की धमकी दी गई। इस धमकी में अशोक अग्रवाल पर बैटरी चोरी का इल्जाम लगाया जा रहा है। इसके आधा घंटे बाद ही वह घर के बाहर से लापता हो गए थे। परिजन की मानें तो करीब साढ़े नौ बजे तारकोल व्यापारी का फोन बेटे के पास आया था, उस फोन पर उन्होंने चीखते हुए अपने बेटे से नाम लेकर कहा था कि उसे यह लोग उठा रहे हैं बचा लो..।