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एसएनसीयू वार्ड के आसपास घूम रहे आवारा कुते
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:36 PM IST
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फिरोजाबाद। हाल में ही कई जिलों में आवारा कुत्ते लोगों पर हमला कर घायल कर चुके हैं। इसके बाद भी जिला महिला अस्पताल में इसे रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। एक तो जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में क्षमता से अधिक बच्चे भर्ती हैं, वहीं इस वार्ड में आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। इसके चलते कभी गंभीर घटना हो सकती है।
जिले में एक मात्र एसएनसीयू है। यहां पर मशीनों की संख्या 12 है। जिसमें नवजातों को रखा जाता है। शुक्रवार को एसएनसीयू में भर्ती बच्चों की संख्या करीब 20 रही। यानि आठ बच्चों को जुगाड़ से भर्ती किया गया। चिकित्सक ने बच्चों को थोड़ा ठीक होने पर उनकी छुट्टी कर दी। विगत अप्रैल माह में एसएनएसीयू में 140 प्रतिशत नवजात भर्ती होने का आंकड़ा निकला। यानि 12 पलंग के एसएनसीयू में 18 बच्चे रोज भर्ती हुए।
इस वार्ड के आसपास अक्सर आवारा कुत्ते घूमते नजर आते हैं। सीतापुर अस्पताल में हुई घटना के बाद जिला महिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। जहां नवजात भर्ती होते हैं वहां आवारा कुत्ते घूमते हैं। लापरवाही कभी भी हादसे का कारण बन सकती है।
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जिले में एक मात्र एसएनसीयू है। यहां पर मशीनों की संख्या 12 है। जिसमें नवजातों को रखा जाता है। शुक्रवार को एसएनसीयू में भर्ती बच्चों की संख्या करीब 20 रही। यानि आठ बच्चों को जुगाड़ से भर्ती किया गया। चिकित्सक ने बच्चों को थोड़ा ठीक होने पर उनकी छुट्टी कर दी। विगत अप्रैल माह में एसएनएसीयू में 140 प्रतिशत नवजात भर्ती होने का आंकड़ा निकला। यानि 12 पलंग के एसएनसीयू में 18 बच्चे रोज भर्ती हुए।
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इस वार्ड के आसपास अक्सर आवारा कुत्ते घूमते नजर आते हैं। सीतापुर अस्पताल में हुई घटना के बाद जिला महिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। जहां नवजात भर्ती होते हैं वहां आवारा कुत्ते घूमते हैं। लापरवाही कभी भी हादसे का कारण बन सकती है।
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