{"_id":"5acb68fb4f1c1bf1618b663e","slug":"91523280123-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में खुजली की दवा खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में खुजली की दवा खत्म
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
अस्पताल
- फोटो : AMAR UJALA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिला अस्पताल में दवाइयों की कमी के बीच मरीजों की मदद के लिए विभिन्न संगठनों के साथ ही जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने भी सहयोग करना शुरू कर दिया है। अस्पताल में तैनात दो कंप्यूटर आपरेटरों ने मरीजों की मदद के लिए सेट्रिजीन की पांच हजार टेबलेट दान की है।
जिला अस्पताल में खुजली की दवा न होने पर संकट बढ़ने वाला था। इसी बीच जानकारी होते ही अस्पताल में कंप्यूटर आपरेटर के रूप में तैनात कर्मचारी मनीश कुमार और विजय कुमार ने अस्पताल को अपने निजी कोष से पांच हजार सेट्रिजीन के टेबलेट दान किए हैं। उन्होंने यह टेबलेट प्रभारी सीएमएस डा.आरके सिंह और चीफ फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह को दवा के पांच हजार टेबलेट सौंप दिए।
प्रतिदिन पहुंच रहे 60 से 70 मरीज
मैनुपरी। जिला अस्पताल में खुजली से पीड़ित 60 से 70 मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में खुजली के मरीजों के लिए पेस्ट तो है लेकिन टेबलेट नहीं थी। सोमवार को जब इस बात की जानकारी कर्मचारियों को हुई तो कंप्यूटर आपरेटरों ने मदद की। अस्पताल में दवाइयों की कमी को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सीएमओ से भी मदद ली गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में खुजली की दवा न होने पर संकट बढ़ने वाला था। इसी बीच जानकारी होते ही अस्पताल में कंप्यूटर आपरेटर के रूप में तैनात कर्मचारी मनीश कुमार और विजय कुमार ने अस्पताल को अपने निजी कोष से पांच हजार सेट्रिजीन के टेबलेट दान किए हैं। उन्होंने यह टेबलेट प्रभारी सीएमएस डा.आरके सिंह और चीफ फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह को दवा के पांच हजार टेबलेट सौंप दिए।
विज्ञापन
प्रतिदिन पहुंच रहे 60 से 70 मरीज
मैनुपरी। जिला अस्पताल में खुजली से पीड़ित 60 से 70 मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में खुजली के मरीजों के लिए पेस्ट तो है लेकिन टेबलेट नहीं थी। सोमवार को जब इस बात की जानकारी कर्मचारियों को हुई तो कंप्यूटर आपरेटरों ने मदद की। अस्पताल में दवाइयों की कमी को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सीएमओ से भी मदद ली गई है।
विज्ञापन