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मंत्रालय से भी कांच उद्योग को नहीं मिली राहत
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:25 PM IST
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी के कांच उद्योग को पर्यावरण मंत्रालय से राहत नहीं मिली। मंत्रालय ने प्रतीक्षारत इकाइयों की कमेटी गठित कर एक माह में वर्तमान स्टेट्स रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रदूषण के मामले को लेकर टीटीजेड में नए उद्योग लगाने पर लगी रोक हटाने पर भी कोई निर्णय नहीं हो सका।
पर्यावरण मंत्रालय में सोमवार को टीटीजेड में संचालित उद्योगों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपस्थित अफसरों ने पहले टीटीजेड में नए उद्योगों की स्थापना पर लगी रोक हटाने के संबंध में तथ्य प्रस्तुत किए। सचिव ने कहा कि प्रदूषण कम करने को क्या-क्या किया गया, यह हमें हम बताओ।
टीटीजेड में प्रदूषण कम करके दिखाओ, तब कोई आगे बात करना। इसके उपरांत फिरोजाबाद में प्रतीक्षारत इकाइयों का मामला बैठक में रखा गया। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन ने बताया कि जनवरी-15 से टीटीजेड की रोक लगी है। इसके उपरांत 43 इकाइयां प्रतीक्षारत सूची में चल रही हैं। 43 में से 19 इकाइयां ऐसी हैं, जिन्होंने सारी औपचारिकताएं पूरी करके गैस के लिए गेल गैस लिमिटेड में धनराशि भी जमा करा दी है।
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मंत्रालय सचिव ने डीएम को निर्देश दिए हैं कि गैस की डिमांड कर रही 19 इकाइयों के भौतिक सत्यापन के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए। कमेटी द्वारा इकाइयों की पूरी स्टे्टस रिपोर्ट तैयार कराकर एक माह में उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।
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पर्यावरण मंत्रालय में सोमवार को टीटीजेड में संचालित उद्योगों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपस्थित अफसरों ने पहले टीटीजेड में नए उद्योगों की स्थापना पर लगी रोक हटाने के संबंध में तथ्य प्रस्तुत किए। सचिव ने कहा कि प्रदूषण कम करने को क्या-क्या किया गया, यह हमें हम बताओ।
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टीटीजेड में प्रदूषण कम करके दिखाओ, तब कोई आगे बात करना। इसके उपरांत फिरोजाबाद में प्रतीक्षारत इकाइयों का मामला बैठक में रखा गया। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन ने बताया कि जनवरी-15 से टीटीजेड की रोक लगी है। इसके उपरांत 43 इकाइयां प्रतीक्षारत सूची में चल रही हैं। 43 में से 19 इकाइयां ऐसी हैं, जिन्होंने सारी औपचारिकताएं पूरी करके गैस के लिए गेल गैस लिमिटेड में धनराशि भी जमा करा दी है।
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मंत्रालय सचिव ने डीएम को निर्देश दिए हैं कि गैस की डिमांड कर रही 19 इकाइयों के भौतिक सत्यापन के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए। कमेटी द्वारा इकाइयों की पूरी स्टे्टस रिपोर्ट तैयार कराकर एक माह में उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।