{"_id":"59fdf9dc4f1c1b8e698b9488","slug":"91509816796-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जगह जगह जाम से परेशान हुए श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जगह जगह जाम से परेशान हुए श्रद्धालु
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
कासगंज के रेलवे स्टेशन पर खचाखच भरी ट्रेन में चढ़ने को मारामारी करते यात्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज/ पटियाली/ गंजडुडवारा। कार्तिक पूर्णिमा के गंगा स्नान एवं ककोड़ा मेला की धूम के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों और मेला क्षेत्र में पहुंचे। श्रद्धालुओं के वाहनों से जगह जगह जाम के हालात पैदा हो गए। लोगों को जाम के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पटियाली, गंजडुडवारा से कादरगंज आने वाले मार्ग एवं मेला ककोड़ा की ओर बदायूं और कादरगंज से जाने वाले मार्ग पर जाम के हालात पैदा हो गए। वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण गंजडुडवारा, पटियाली, कादरगंज ककोड़ा बदांयू के मार्गों पर जाम के हालात बन गए। इसके चलते श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कासगंज बरेली मार्ग पर भी वाहनों का काफी दबाव था। कछला गंगा घाट के तिराहे पर सड़कों पर काफी वाहन खडें नजर आए। जिसके चलते घंटों जाम के हालात बन गए। पुलिस और यातायात पुलिस को काफी मसक्कत करनी पड़ रही थी।
विज्ञापन
पंछी नीलकंठ के किए दर्शन
पटियाली। ककोड़ा मेला में कार्तिक पूर्णिमा स्नान करने के बाद पंछी नीलकंठ के दर्शन का महत्व माना जाता है। इसी महत्व के चलते पक्षी पालन करने वाले लोग नीलकंठ पक्षी को पिंजरे में लेकर मेले में मौजूद थे। तमाम श्रद्धालु नीलकंठ का दर्शन कर रहे थे और पक्षी पालक को दान दक्षिणा भी भेंट कर रहे थे।
विज्ञापन
पटियाली, गंजडुडवारा से कादरगंज आने वाले मार्ग एवं मेला ककोड़ा की ओर बदायूं और कादरगंज से जाने वाले मार्ग पर जाम के हालात पैदा हो गए। वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण गंजडुडवारा, पटियाली, कादरगंज ककोड़ा बदांयू के मार्गों पर जाम के हालात बन गए। इसके चलते श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
कासगंज बरेली मार्ग पर भी वाहनों का काफी दबाव था। कछला गंगा घाट के तिराहे पर सड़कों पर काफी वाहन खडें नजर आए। जिसके चलते घंटों जाम के हालात बन गए। पुलिस और यातायात पुलिस को काफी मसक्कत करनी पड़ रही थी।
विज्ञापन
पंछी नीलकंठ के किए दर्शन
पटियाली। ककोड़ा मेला में कार्तिक पूर्णिमा स्नान करने के बाद पंछी नीलकंठ के दर्शन का महत्व माना जाता है। इसी महत्व के चलते पक्षी पालन करने वाले लोग नीलकंठ पक्षी को पिंजरे में लेकर मेले में मौजूद थे। तमाम श्रद्धालु नीलकंठ का दर्शन कर रहे थे और पक्षी पालक को दान दक्षिणा भी भेंट कर रहे थे।