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आईटीआई में हो रहा छात्रों का उत्पीड़न
Updated Mon, 30 Oct 2017 10:56 PM IST
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जलेसर। नगर के एक मात्र राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्राचार्य से लेकर कर्मचारी तक सभी अपनी मनमानी पर उतारू हो ग हैं। छात्र-छात्राओं का किताबों और प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। शिक्षा से लेकर प्रधानाचार्य की मौजूदगी तक सब गोलमाल चल रहा है।
गौरतलब है कि विकास की द्रष्टि से पिछडे़ क्षेत्र में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तीन वर्ष पहले खुला था। जहां मौजूद प्रधानाचार्य ही सप्ताह में मात्र दो दिन आते हैं। संपूर्ण अधिकार संस्थान में मौजूद एक मात्र बाबू हैं जो अपनी मनमानी पर उतारू है। प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद भी अभी तक संस्थान में बायोमैट्रिक मशीन नहीं लगाई गई। एक दो शिक्षकों को छोड़ अन्य शिक्षक ग्यारह बजे आते हैं और दो बजे तक बैठकर वापस चले जाते है। गरीब बच्चों को उचित तकनीकी जानकारी देने से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।
कुछ छात्रों ने बताया कि संस्थान के कुछ कर्मचारियों की मिली भगत से सरकारी किताबाें के स्थान पर बाजार से किताबें खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं प्रैक्टीकल एवं परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के नाम पर सुविधा शुल्क की वसूली की जाती है। न देने पर उत्पीड़न भी किया जाता है। प्रयोगात्मक परीक्षा में उत्पीड़न करने संबंधी एक शिकायत छात्र अवनीश कुमार द्वारा पूर्व में की जा चुकी है। इस पर संस्थान के प्राचार्य महेशचंद्र शर्मा ने बताया कि बायोमैट्रिक मशीन नवंबर में चालू होगी। वहीं शिक्षक नियमित आते हैं और किताबें विद्यालय से ही उपलब्ध कराई जा रही है।
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गौरतलब है कि विकास की द्रष्टि से पिछडे़ क्षेत्र में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तीन वर्ष पहले खुला था। जहां मौजूद प्रधानाचार्य ही सप्ताह में मात्र दो दिन आते हैं। संपूर्ण अधिकार संस्थान में मौजूद एक मात्र बाबू हैं जो अपनी मनमानी पर उतारू है। प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद भी अभी तक संस्थान में बायोमैट्रिक मशीन नहीं लगाई गई। एक दो शिक्षकों को छोड़ अन्य शिक्षक ग्यारह बजे आते हैं और दो बजे तक बैठकर वापस चले जाते है। गरीब बच्चों को उचित तकनीकी जानकारी देने से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।
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कुछ छात्रों ने बताया कि संस्थान के कुछ कर्मचारियों की मिली भगत से सरकारी किताबाें के स्थान पर बाजार से किताबें खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं प्रैक्टीकल एवं परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के नाम पर सुविधा शुल्क की वसूली की जाती है। न देने पर उत्पीड़न भी किया जाता है। प्रयोगात्मक परीक्षा में उत्पीड़न करने संबंधी एक शिकायत छात्र अवनीश कुमार द्वारा पूर्व में की जा चुकी है। इस पर संस्थान के प्राचार्य महेशचंद्र शर्मा ने बताया कि बायोमैट्रिक मशीन नवंबर में चालू होगी। वहीं शिक्षक नियमित आते हैं और किताबें विद्यालय से ही उपलब्ध कराई जा रही है।
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