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एसओ के आगे सीएम के अनुसचिव के आदेश हुए बौने
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:34 PM IST
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police Demo pic
- फोटो : google
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मैनपुरी। एसओ कुर्रा की मनमानी के आगे मुख्यमंत्री के अनुसचिव के आदेश भी बौने हैं। कुछ ऐसा ही देखने को मिला है जमीन पर एक अवैध कब्जे के मामले में। मुख्यमंत्री से की गई शिकायत के बाद अनुसचिव ने जांच के आदेश दिए तो एसओ कुर्रा ने कार्रवाई करने के स्थान पर झूठी आख्या लगाकर भेज दी। पीड़ित को पता चला तो उसने एक बार फिर न्याय के लिए एएसपी से गुहार लगाई है।
थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव हविलिया निवासी संजीव कुमार पुत्र मंशाराम ने आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि उनकी जमीन पर गांव के ही छह लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। जबकि जमीन उनकी मां राजेंद्री देवी के नाम है। इसकी शिकायत थाने पर की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुसचिव ने आईजीआरएस और पत्र के माध्यम से एसपी राजेश एस और एसओ कुर्रा को कार्रवाई कर मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस पर एसओ कुर्रा को जांच दी गई। एसओ कुर्रा देवेश शर्मा ने पूरे मामले में कार्रवाई के नाम पर आरोपियों को बचाते हुए आख्या भेज दी कि मामला आपसी बंटवारे का है। ऐसा कोई मामला नहीं है।
इसकी जानकारी जब पीड़ित पक्ष को हुई तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी एएसपी ओपी सिंह को दी। इस संबंध में जब एएसपी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश के बाद भी यदि एसओ ने गलत कार्रवाई की है तो मामला गंभीर है। जांच की जाएगी। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव हविलिया निवासी संजीव कुमार पुत्र मंशाराम ने आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि उनकी जमीन पर गांव के ही छह लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। जबकि जमीन उनकी मां राजेंद्री देवी के नाम है। इसकी शिकायत थाने पर की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुसचिव ने आईजीआरएस और पत्र के माध्यम से एसपी राजेश एस और एसओ कुर्रा को कार्रवाई कर मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस पर एसओ कुर्रा को जांच दी गई। एसओ कुर्रा देवेश शर्मा ने पूरे मामले में कार्रवाई के नाम पर आरोपियों को बचाते हुए आख्या भेज दी कि मामला आपसी बंटवारे का है। ऐसा कोई मामला नहीं है।
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इसकी जानकारी जब पीड़ित पक्ष को हुई तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी एएसपी ओपी सिंह को दी। इस संबंध में जब एएसपी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश के बाद भी यदि एसओ ने गलत कार्रवाई की है तो मामला गंभीर है। जांच की जाएगी। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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