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करें कारोबार, प्रोविजनल आईडी ही जीएसटिन

Wed, 05 Jul 2017 11:55 PM IST
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:55 PM IST
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करें कारोबार, प्रोविजनल आईडी ही जीएसटिन
gst - फोटो : Demo Pic
मथुरा। जीएसटी विभाग (पूर्व में वाणिज्य कर विभाग) द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रोविजनल आईडी ही अब व्यापारियों के लिए जीएसटिन है।
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डिप्टी कमिश्नर जीएसटी शशिधर शाही ने बताया जिन व्यापारियों को विभाग ने प्रोविजनल आईडी जारी की है वह आईडी ही व्यापारी का जीएसटिन है। जिनको प्रोविजनल आईडी भी प्राप्त नहीं हुई है, वो अपनी टिन नंबर वाली पुरानी बिल बुक से भी बिल जारी कर सकते हैं। इस बिल पर जीएसटिन अप्राप्त की मुहर लगानी होगी। जीएसटिन आने के बाद एक जुलाई से जारी हुए सभी बिलों के डुप्लीकेट बिल जारी करने होंगे। शासन ने भी जीएसटी की साइट पर डाटा अपलोड करने के लिये तीन माह का वक्त और दे दिया है।



जीएसटिन में बाहरी राज्यों से माल मंगाने पर फार्म-38 की आवश्यकता नहीं है। व्यापारी लगातार ई-वे बिल के बारे में लगातार पूछ रहे हैं। इस पर डिप्टी कमिश्नर का कहना है कि अभी जीएसटी काउंसिल ने इस पर रोक लगा रखी है।
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हेल्प डेस्क का नंबर जारी
गोवर्धन रोड स्थित जीएसटी कार्यालय में प्रात: आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक चल रही हेल्प डेस्क का फोन नंबर 0565-2425277 है। इस नंबर पर व्यापारी अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते है। इसके अलावा हेल्प डेस्क पर व्यापारियों का निशुल्क डाटा अपलोड, आवेदन भी किया जा रहा है।
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