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हरे राम, हरे कृष्ण की धुन पर शोभायात्रा में झूमे भक्त
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वृंदावन (मथुरा)। गौड़ीय मठों के मूल प्रतिष्ठाता जगद्गुरु श्रील भक्ति सिद्धांत सरस्वती गोस्वामी ठाकुर प्रभुपाद के 146वें शुभाविर्भाव महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को नगर में शोभायात्रा निकाली गई। हरे राम, हरे कृष्ण की धुन पर संकीर्तन मंडलियों का नृत्य सभी को आकर्षित कर रहा था।
कालीदह स्थित विनोद वाणी गौड़ीय मठ से प्रारंभ हुई शोभायात्रा बांके बिहारी मार्केट, रंगजी मंदिर, नगर पालिका चौराहा, अनाज मंडी, किशोरपुरा, विद्या पीठ चौराहा होते हुए मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। देश-विदेश से आए गौड़ीय वैष्णवों ने झांझ और मजीरों की धुन पर नृत्य कर सभी को लुभाया। यात्रा में शामिल ठाकुर प्रभुपाद, राधा-गोविंद जी, नृसिंह महाराज, जुगल स्वरूप आदि की झांकी का भक्तों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर व आरती उतारकर स्वागत किया।
शाम को हुई धर्मसभा में त्रिदंडी स्वामी श्रीभक्ति सर्वस्व गोविंद महाराज, गोपानंद वन महाराज, भक्ति विदग्ध भागवत महाराज, भक्ति वेदांत मधुसूदन महाराज, भक्ति वेदांत मति महाराज, तमालकृष्ण दास, अजित गोविंद प्रभु, अशोक शर्मा आदि ने जीवों के कल्याण में संत-महंतों का महत्व विषय पर विचार रखे।
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कालीदह स्थित विनोद वाणी गौड़ीय मठ से प्रारंभ हुई शोभायात्रा बांके बिहारी मार्केट, रंगजी मंदिर, नगर पालिका चौराहा, अनाज मंडी, किशोरपुरा, विद्या पीठ चौराहा होते हुए मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। देश-विदेश से आए गौड़ीय वैष्णवों ने झांझ और मजीरों की धुन पर नृत्य कर सभी को लुभाया। यात्रा में शामिल ठाकुर प्रभुपाद, राधा-गोविंद जी, नृसिंह महाराज, जुगल स्वरूप आदि की झांकी का भक्तों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर व आरती उतारकर स्वागत किया।
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शाम को हुई धर्मसभा में त्रिदंडी स्वामी श्रीभक्ति सर्वस्व गोविंद महाराज, गोपानंद वन महाराज, भक्ति विदग्ध भागवत महाराज, भक्ति वेदांत मधुसूदन महाराज, भक्ति वेदांत मति महाराज, तमालकृष्ण दास, अजित गोविंद प्रभु, अशोक शर्मा आदि ने जीवों के कल्याण में संत-महंतों का महत्व विषय पर विचार रखे।
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