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अबकी शरद पूर्णिमा पर सुबह जगमोहन में दर्शन देंगे बांकेबिहारी
Updated Sun, 21 Oct 2018 08:36 PM IST
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वृंदावन (मथुरा)। जन-जन के आराध्य ठाकुर श्री बांकेबिहारी जी महाराज 24 अक्तूबर को शरद पूर्णिमा पर पहली बार सुबह जगमोहन में स्वर्ण-रजत सिंहासन में विराजकर भक्तों को दर्शन देंगे। ठाकुर बांकेबिहारी महाराज सुबह ही मोर, मुकुट कटि काछनी के साथ वंशी भी धारण करेंगे।
साथ ही भक्तों को सुबह और शाम 1-1 घंटे अतिरिक्त अपने आराध्य के दर्शन भी सुलभ हो सकेंगे। इस नई व्यवस्था के पीछे मंदिर प्रबंधन ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की न्यायालय से मिले आदेश को बताया है।
मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा के अनुसार सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में इस बार भक्तों को अपने आराध्य की छवि अधिक समय तक निहारने का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त हो सकेगा।
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शरद पूर्णिमा पर बड़ी तादाद में देश विदेश से भक्त अपने आराध्य के दर्शनों को वृंदावन पहुंचते हैं। इस दिन ठाकुर जी मोर मुकुट, कटि काछनी और वंशी धारण कर स्वर्ण रजत सिंहासन पर चंद्रमा की धवल चांदनी में भक्तों को दर्शन देते हैं, लेकिन इस बार ठाकुरजी सुबह राजभोग के समय भी जगमोहन में विराजकर दर्शन देंगे।
इन पुण्य दर्शनों के लिए इस बार एक-एक घंटा अतिरिक्त समय दर्शनों के लिए उपलब्ध होगा। जिसके अनुसार राजभोग आरती दोपहर 11:55 के स्थान पर 12:55 बजे होगी तथा शयनभोग आरती रात 9:25 बजे के स्थान पर 10:25 बजे होगी। उन्होंने बताया कि न्यायालय के ही 15 अक्टूबर को पारित आदेश के अनुपालन में ही ठाकुर जी के जगमोहन से दर्शनों की व्यवस्था होगी।
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साथ ही भक्तों को सुबह और शाम 1-1 घंटे अतिरिक्त अपने आराध्य के दर्शन भी सुलभ हो सकेंगे। इस नई व्यवस्था के पीछे मंदिर प्रबंधन ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की न्यायालय से मिले आदेश को बताया है।
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मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा के अनुसार सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में इस बार भक्तों को अपने आराध्य की छवि अधिक समय तक निहारने का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त हो सकेगा।
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शरद पूर्णिमा पर बड़ी तादाद में देश विदेश से भक्त अपने आराध्य के दर्शनों को वृंदावन पहुंचते हैं। इस दिन ठाकुर जी मोर मुकुट, कटि काछनी और वंशी धारण कर स्वर्ण रजत सिंहासन पर चंद्रमा की धवल चांदनी में भक्तों को दर्शन देते हैं, लेकिन इस बार ठाकुरजी सुबह राजभोग के समय भी जगमोहन में विराजकर दर्शन देंगे।
इन पुण्य दर्शनों के लिए इस बार एक-एक घंटा अतिरिक्त समय दर्शनों के लिए उपलब्ध होगा। जिसके अनुसार राजभोग आरती दोपहर 11:55 के स्थान पर 12:55 बजे होगी तथा शयनभोग आरती रात 9:25 बजे के स्थान पर 10:25 बजे होगी। उन्होंने बताया कि न्यायालय के ही 15 अक्टूबर को पारित आदेश के अनुपालन में ही ठाकुर जी के जगमोहन से दर्शनों की व्यवस्था होगी।