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जिला अस्पताल में उपचार करते झोलाछाप को पकड़ा
Updated Thu, 07 Jun 2018 10:37 PM IST
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मैनपुरी। जिला अस्पताल में ही एक झोलाछाप मरीजों को उपचार दे रहा था। इसकी जानकारी सीएमएस को हुई तो उन्होंने टीम भेजकर उसे पकड़वा लिया। वृद्ध झोलाछाप को चेतावनी देकर सीएमएस ने छोड़ दिया। सीएमएस डॉ. आरके सागर को गुरुवार की दोपहर जानकारी मिली कि अस्पताल कैंपस में बरगद के पेड़ के नीचे एक झोलाछाप मरीजों को उपचार दे रहा है। जानकारी मिलते ही सीएमएस ने डॉ. पीके दुबे, आरके वर्मा, डॉ. ऋषि प्रकाश को मौके पर भेजा। जब यह टीम मौके पर पहुंची तो झोलाछाप मरीजों को उपचार दे रहा था। उसके द्वारा लगाए गए इंजेक्शन आदि के रेपर वहीं पड़े हुए थे।
टीम ने अस्पताल में तैनात होमगार्ड की मदद से उसे हिरासत में ले लिया। उसके पास से एक थैले से होम्योपैथिक के साथ एलोपैथिक दवाइयां भी बरामद की गईं। पकड़े गए झोलाछाप को सीएमएस के सामने लाया गया। यहां उसने अपना नाम राजबहादुर निवासी धारऊ बताया। झोलाछाप ने बताया कि उसके पास होम्योपैथी का डिप्लोमा है। पिछले तीन दिन से वह अस्पताल में पेड़ के नीचे बैठ रहा था। उसके कुछ मरीज उसके पास आ जाते हैं। वृद्ध झोलाछाप की उम्र लगभग 75 वर्ष थी। इसे देखते हुए सीएमएस ने उसे चेतावनी दी और लिखित शपथ पत्र लिया कि भविष्य में वह यहां नहीं दिखाई देगा। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
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टीम ने अस्पताल में तैनात होमगार्ड की मदद से उसे हिरासत में ले लिया। उसके पास से एक थैले से होम्योपैथिक के साथ एलोपैथिक दवाइयां भी बरामद की गईं। पकड़े गए झोलाछाप को सीएमएस के सामने लाया गया। यहां उसने अपना नाम राजबहादुर निवासी धारऊ बताया। झोलाछाप ने बताया कि उसके पास होम्योपैथी का डिप्लोमा है। पिछले तीन दिन से वह अस्पताल में पेड़ के नीचे बैठ रहा था। उसके कुछ मरीज उसके पास आ जाते हैं। वृद्ध झोलाछाप की उम्र लगभग 75 वर्ष थी। इसे देखते हुए सीएमएस ने उसे चेतावनी दी और लिखित शपथ पत्र लिया कि भविष्य में वह यहां नहीं दिखाई देगा। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
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