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अफसरों की नींद टूटी, सही कराया गया पुल
Updated Wed, 16 May 2018 08:16 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। मांट तहसील के गांव हरनौल स्क्रैप के धराशाई हुए पुल के स्लैब को लोनिवि इंजीनियरों ने लेंटर डालकर सही कर दिया। अमर उजाला में खबर छपने के तीन दिन बाद पुल पर लेंटर डाला गया। मंगलवार रात्रि को उस पुल को ब्रज 84 कोसी की परिक्रमा के लिए खोल दिया गया।
मांट क्षेत्र के गांव हरनौल स्क्रैप से रोजाना 80 क्यूसेक गंगाजल यमुना के लिए जाता है। गांव इरौली गूजर के निकट हरनौल स्क्रैप का पुल का स्लैब धराशाई हो गया था। इस पुल से होकर ब्रज 84 कोस की परिक्रमा गुजरती है।
अमर उजाला ने 10 मई के अंक में इस पुल के धराशाई होने की खबर छापी थी। खबर छपने के बाद लोनिवि इंजीनियरों ने 11 मई को पुल का निरीक्षण किया और 12 मई को उस पर लोनिवि इंजीनियरों ने लेंटर डलवा दिया।
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15 मई की रात्रि को पुल को ब्रज 84 कोस की परिक्रमा के लिए खोल दिया गया। लोक निर्माण विभाग के एई रामजीलाल ने बताया कि पुल पर लेंटर डालकर उसे चालू करा दिया गया है। पुल की साइड की दीवार और बनाई जा रही हैं।
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मांट क्षेत्र के गांव हरनौल स्क्रैप से रोजाना 80 क्यूसेक गंगाजल यमुना के लिए जाता है। गांव इरौली गूजर के निकट हरनौल स्क्रैप का पुल का स्लैब धराशाई हो गया था। इस पुल से होकर ब्रज 84 कोस की परिक्रमा गुजरती है।
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अमर उजाला ने 10 मई के अंक में इस पुल के धराशाई होने की खबर छापी थी। खबर छपने के बाद लोनिवि इंजीनियरों ने 11 मई को पुल का निरीक्षण किया और 12 मई को उस पर लोनिवि इंजीनियरों ने लेंटर डलवा दिया।
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15 मई की रात्रि को पुल को ब्रज 84 कोस की परिक्रमा के लिए खोल दिया गया। लोक निर्माण विभाग के एई रामजीलाल ने बताया कि पुल पर लेंटर डालकर उसे चालू करा दिया गया है। पुल की साइड की दीवार और बनाई जा रही हैं।