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अधर में पड़ी 188 करोड़ की यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना
Updated Tue, 06 Mar 2018 07:46 PM IST
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यमुना
- फोटो : डेमो
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वृंदावन। तीर्थनगरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना बंद पड़ी हुई है। योजना को लेकर कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग और जल निगम के अधिकारी भी उदासीन बने हुए हैं। धर्म रक्षा संघ ने मुख्यमंत्री से योजना पूरे कराने की मांग की है।
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पिछली सपा सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में 188 करोड़ की यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना शुरू कराई थी। नगर के प्राचीन केसीघाट से लेकर कालीदह तक के दो किलोमीटर के क्षेत्र में कई विकास कार्य होने थे लेकिन मामला एनजीटी कोर्ट में चले जाने से योजना में कुछ समय के लिए विराम लग गया। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ पिछले दिनों योजना के तहत यमुना किनारे शीट पाइलिंग और घाट किनारे सीढ़ियां बनाने के लिए लोहे के जाल का बेस बनाने की अनुमति दे दी गई थी।
काम भी शुरू हो गया था लेकिन फरवरी माह से काम बंद पड़ा है। मशीनें भी मौके पर पड़ी हुई हैं। धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष पं. सौरभ गौड़, संरक्षक आचार्य बद्रीश, गोपेश गोस्वामी, रमणबिहारी गौतम, भगवान दास चौधरी, रविकांत गौतम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ को पत्र भेजकर यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना को पूरा कराने की मांग की है।
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