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पांच ट्रैफिक पुलिस के सहारे जिले की व्यवस्था
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:02 PM IST
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मैनपुरी। जिले की यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद भला कैसे की जा सकती है। वर्तमान में कुल पांच ट्रैफिक पुलिस पर ही जिले की यातायात व्यवस्था का जिम्मा है। इसमें एक टीएसआई समेत कुल 13 ट्रैफिक पुलिस के जवान हैं। इनमें सात कुंभ ड्यूटी पर गए हैं। वहीं एक छुट्टी पर चल रहा है।
जहां एक ओर जिले की यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी। वहीं दूसरी ओर वीआईपी के आने पर भी विशेष भूमिका निभानी पड़ती है। वाहन चेकिंग, चालान, सिग्नल पर वाहनों के आवागमन की देखरेख का जिम्मा भी है। पर्याप्त कर्मी न होने के चलते यातायात व्यवस्था राम भरोसे है। टीएसआई के मुताबिक बेहतर काम करते हैं लेकिन कहीं न कहीं कर्मियों की कमी और बेहतर करने में बाधक साबित होती है। रोजाना चालान, समन शुल्क वसूलना, यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए कुल 13 कर्मी काफी कम हैं। एसपी राजेश एस के माध्यम से एक इंस्पेक्टर, दो सब इंस्पेक्टर और 15 हेड कांस्टेबल की मांग की गई है, जिस पर अभी विचार चल रहा है। यदि मंजूरी मिल जाती है तो जिले की यातायात व्यवस्था में और भी सुधार होगा।
जेब्रा क्रासिंग बनी महज शो-पीस
मैनपुरी। शहर में ईशन नदी पुल से कचहरी जाने, जेल की ओर मार्ग जाता है। वहां ट्रैफिक सिग्नल लगा हुआ है। वहीं जेल तिराहा पर सिग्नल के साथ ही जेब्रा क्रासिंग है, भांवत चौराहा और करहल चौराहा समेत चार स्थानों पर जेब्रा क्रासिंग है। सिग्नल लाल होने पर वाहनों को जेब्रा क्रासिंग पर रुकना होता है लेकिन अधिकतर वाहन स्वामी इसे नजरंदाज करते हैं। इसका मुख्य कारण ट्रैफिक सिग्नल लगे स्थानों पर किसी भी ट्रैफिक कर्मी का न होना भी है। वहीं यातायात निमयों की जानकारी का अभाव भी इस जानलेवा गलती के लिए जिम्मेदार है।
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प्रतिदिन हुए तीन से चार हादसे
मैनपुरी। जिले में प्रतिदिन तीन से चार हादसे हुए हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है। मामूली हादसों में जहां लोग गंभीर व मामूली रूप से चोटिल हो रहे हैं। वहीं बडे़ हादसों में जान भी गंवाते हैं। इस वर्ष करीब 250 से अधिक लोगों ने सड़क हादसों में जान गवाई है।
जिले भर में हैं डेथ प्वाइंट
मैनपुरी। जिले में कई डेथ प्वाइंट हैं। शहर में नगला कबर मोड़, ईशन नदी पुल, सिंधिया तिराहा, किशनी में शमशेरगंज पुलिया, बिधूना चौराहा, हरचंद्रपुर मोड़, रामनगर तिराहा, डाडी भट्टा और खिदरपुर चौकी के पास, बेवर में गग्गरपुर नहर पुल, कुरावली में गैलानाथ नहर पुल, करहल में बुझिया पुल, दन्नाहार में क्रासिंग के पास, बिछवां में भनऊ घाट, हन्नूखेड़ा मोड़ समेत जनपद भर में हादसों के कई स्थल हैं, जहां सर्वाधिक हादसे होते हैं।
ट्रैफिक स्टॉफ की कमी की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पीआरडी का सहारा लिया जा रहा है।
राजेश एस, एसपी मैनपुरी
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जहां एक ओर जिले की यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी। वहीं दूसरी ओर वीआईपी के आने पर भी विशेष भूमिका निभानी पड़ती है। वाहन चेकिंग, चालान, सिग्नल पर वाहनों के आवागमन की देखरेख का जिम्मा भी है। पर्याप्त कर्मी न होने के चलते यातायात व्यवस्था राम भरोसे है। टीएसआई के मुताबिक बेहतर काम करते हैं लेकिन कहीं न कहीं कर्मियों की कमी और बेहतर करने में बाधक साबित होती है। रोजाना चालान, समन शुल्क वसूलना, यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए कुल 13 कर्मी काफी कम हैं। एसपी राजेश एस के माध्यम से एक इंस्पेक्टर, दो सब इंस्पेक्टर और 15 हेड कांस्टेबल की मांग की गई है, जिस पर अभी विचार चल रहा है। यदि मंजूरी मिल जाती है तो जिले की यातायात व्यवस्था में और भी सुधार होगा।
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जेब्रा क्रासिंग बनी महज शो-पीस
मैनपुरी। शहर में ईशन नदी पुल से कचहरी जाने, जेल की ओर मार्ग जाता है। वहां ट्रैफिक सिग्नल लगा हुआ है। वहीं जेल तिराहा पर सिग्नल के साथ ही जेब्रा क्रासिंग है, भांवत चौराहा और करहल चौराहा समेत चार स्थानों पर जेब्रा क्रासिंग है। सिग्नल लाल होने पर वाहनों को जेब्रा क्रासिंग पर रुकना होता है लेकिन अधिकतर वाहन स्वामी इसे नजरंदाज करते हैं। इसका मुख्य कारण ट्रैफिक सिग्नल लगे स्थानों पर किसी भी ट्रैफिक कर्मी का न होना भी है। वहीं यातायात निमयों की जानकारी का अभाव भी इस जानलेवा गलती के लिए जिम्मेदार है।
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प्रतिदिन हुए तीन से चार हादसे
मैनपुरी। जिले में प्रतिदिन तीन से चार हादसे हुए हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है। मामूली हादसों में जहां लोग गंभीर व मामूली रूप से चोटिल हो रहे हैं। वहीं बडे़ हादसों में जान भी गंवाते हैं। इस वर्ष करीब 250 से अधिक लोगों ने सड़क हादसों में जान गवाई है।
जिले भर में हैं डेथ प्वाइंट
मैनपुरी। जिले में कई डेथ प्वाइंट हैं। शहर में नगला कबर मोड़, ईशन नदी पुल, सिंधिया तिराहा, किशनी में शमशेरगंज पुलिया, बिधूना चौराहा, हरचंद्रपुर मोड़, रामनगर तिराहा, डाडी भट्टा और खिदरपुर चौकी के पास, बेवर में गग्गरपुर नहर पुल, कुरावली में गैलानाथ नहर पुल, करहल में बुझिया पुल, दन्नाहार में क्रासिंग के पास, बिछवां में भनऊ घाट, हन्नूखेड़ा मोड़ समेत जनपद भर में हादसों के कई स्थल हैं, जहां सर्वाधिक हादसे होते हैं।
ट्रैफिक स्टॉफ की कमी की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पीआरडी का सहारा लिया जा रहा है।
राजेश एस, एसपी मैनपुरी