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70 पंचायतों ने नहीं दिया खर्च का हिसाब
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:08 PM IST
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एटा। जिले में ग्राम पंचायत सचिवों की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि जिले में वेतन रोकने, वेतन वृद्धि को बंद करने के बाद भी पंचायत सचिव सुधरे नहीं हैं। अभी भी 70 ग्राम पंचायतों ने बीते वर्ष 2016-17 में की खर्च किए गए धन का हिसाब नहीं दिया गया है। ऐसे पंचायत सचिवों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है।
दरअसल, जिले की 576 ग्राम पंचायतों में बीते वर्ष में हुए विकास कार्यों के खर्च का ब्यौरा आनलाइन प्रिया सॉफ्ट पर फीड किया जाता है। पिछले दिनों विभाग ने 24 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोकते हुए प्रिया साफ्ट पर खर्च अपलोड कराने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद पंचायत सचिवों में हड़कंप मच गया। कुछ पंचायतों के अभिलेख मिले और खर्च फीड करना शुरू किया गया, लेकिन अब तक महज 506 ग्राम पंचायतों का खर्च विभाग को मिल सका है। आलम यह है कि अभी तक 70 ग्राम पंचायतों ने खर्च का हिसाब दिया ही नहीं है।
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ऐसे पंचायत सचिवों की सूची तैयार की जा रही है। पंचायती राज निदेशक विजय किरनआनंद के निर्देश के बाद भी खर्च फीड नहीं होने पर निदेशालय से भी नाराजगी जताई है। इसे लेेकर जिला प्रशासन बेहद सक्रिय है। बताया जाता है कि 22 दिसंबर तक अभिलेख और खर्च का हिसाब नहीं मिलने पर पंचायत सचिवों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि प्रिया सॉफ्ट फीडिंग को लेकर बेहद सक्रियता बरती जा रही है। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले पंचायत सचिवों की सूची तैयार की जा रही है। तय तिथि के बाद भी खर्च का हिसाब नहीं मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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दरअसल, जिले की 576 ग्राम पंचायतों में बीते वर्ष में हुए विकास कार्यों के खर्च का ब्यौरा आनलाइन प्रिया सॉफ्ट पर फीड किया जाता है। पिछले दिनों विभाग ने 24 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोकते हुए प्रिया साफ्ट पर खर्च अपलोड कराने के निर्देश दिए थे।
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इसके बाद पंचायत सचिवों में हड़कंप मच गया। कुछ पंचायतों के अभिलेख मिले और खर्च फीड करना शुरू किया गया, लेकिन अब तक महज 506 ग्राम पंचायतों का खर्च विभाग को मिल सका है। आलम यह है कि अभी तक 70 ग्राम पंचायतों ने खर्च का हिसाब दिया ही नहीं है।
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ऐसे पंचायत सचिवों की सूची तैयार की जा रही है। पंचायती राज निदेशक विजय किरनआनंद के निर्देश के बाद भी खर्च फीड नहीं होने पर निदेशालय से भी नाराजगी जताई है। इसे लेेकर जिला प्रशासन बेहद सक्रिय है। बताया जाता है कि 22 दिसंबर तक अभिलेख और खर्च का हिसाब नहीं मिलने पर पंचायत सचिवों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि प्रिया सॉफ्ट फीडिंग को लेकर बेहद सक्रियता बरती जा रही है। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले पंचायत सचिवों की सूची तैयार की जा रही है। तय तिथि के बाद भी खर्च का हिसाब नहीं मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।