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रुपये नहीं दिए तो छात्र को दर्शा दिया अनुपस्थित
Updated Fri, 20 Oct 2017 09:11 PM IST
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आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में उगाही के लिए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। रुपये न देने पर एक छात्र को प्रयोगात्मक परीक्षा में अनुपस्थित दिखा दिया गया है। छात्र की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है।
मामला रघुवीरसरन महाविद्यालय के बीपीएड छात्र लक्ष्मी कुमार का है। 2013-14 सत्र के इस छात्र ने हाल ही में उसने नोडल सेंटर आगरा कालेज में प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल हुआ। जब उसने विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर परिणाम देखा तो भौचक रह गया। प्रयोगात्मक परीक्षा में उसे अनुपस्थित दिखाते हुए फेल कर दिया गया। छात्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इसकी शिकायत करते हुए खुद को उपस्थिति होने का दावा किया।
मामला परीक्षा समिति की बैठक में भी रखा गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कमेटी ने जांच शुरू की। इसकी एवार्ड लिस्ट निकलवाई तो पूरा माजरा सामने आया। छात्र के नाम के आगे व्हाइटनर लगा हुआ था और उस पर अबसेंट लिखा था, इसकी स्पेलिंग भी गलत थी। कमेटी ने छात्र से संपर्क किया तो इसमें प्रयोगात्मक परीक्षा में उगाही का मामला सामने आया है।
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कमेटी ने प्रारंभिक जांच में आरोप को सही पाते हुए नोडल सेंटर पर कार्रवाई की संस्तुति की है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डा. गिरिजाशंकर शर्मा ने बताया कि छात्र की शिकायत पर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में उगाही के खेल के चलते व्हाइटनर लगाकर छात्र को अनुपस्थित दर्शाया गया है, किसी के हस्ताक्षर नहीं हैं, अबसेंट की स्पेलिंग भी गलत है। नोडल प्रभारी को रिमांडर भेजा गया है।
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मामला रघुवीरसरन महाविद्यालय के बीपीएड छात्र लक्ष्मी कुमार का है। 2013-14 सत्र के इस छात्र ने हाल ही में उसने नोडल सेंटर आगरा कालेज में प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल हुआ। जब उसने विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर परिणाम देखा तो भौचक रह गया। प्रयोगात्मक परीक्षा में उसे अनुपस्थित दिखाते हुए फेल कर दिया गया। छात्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इसकी शिकायत करते हुए खुद को उपस्थिति होने का दावा किया।
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मामला परीक्षा समिति की बैठक में भी रखा गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कमेटी ने जांच शुरू की। इसकी एवार्ड लिस्ट निकलवाई तो पूरा माजरा सामने आया। छात्र के नाम के आगे व्हाइटनर लगा हुआ था और उस पर अबसेंट लिखा था, इसकी स्पेलिंग भी गलत थी। कमेटी ने छात्र से संपर्क किया तो इसमें प्रयोगात्मक परीक्षा में उगाही का मामला सामने आया है।
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कमेटी ने प्रारंभिक जांच में आरोप को सही पाते हुए नोडल सेंटर पर कार्रवाई की संस्तुति की है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डा. गिरिजाशंकर शर्मा ने बताया कि छात्र की शिकायत पर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में उगाही के खेल के चलते व्हाइटनर लगाकर छात्र को अनुपस्थित दर्शाया गया है, किसी के हस्ताक्षर नहीं हैं, अबसेंट की स्पेलिंग भी गलत है। नोडल प्रभारी को रिमांडर भेजा गया है।