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प्रेमी जोड़े के शवों को परिवारीजनों ने पहचाने से किया इनकार
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:42 PM IST
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फिरोजाबाद। इश्क ने उनका वजूद छीन लिया। इश्क के जुनून में उन्होंने एक साथ दुनिया छोड़ दी। उनके अपनों ने इसे आन का मुद्दा बना लिया। उनके शवों को पहचानने से इनकार कर दिया। गांव में पंचायत हुई तो फैसला भी यही लिया गया। कानूनन 72 घंटों तक किसी के सामने नहीं आने पर पुलिस शनिवार को उन्हें लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर देगी। हालांकि शिनाख्त को डीएनए परीक्षण के लिए पुलिस ने उनका बिसरा सुरक्षित कर लिया है।
दिल्ली हावड़ा रेलवे लाइन पर स्थित बनकट रेलवे क्रासिंग के समीप 11 जुलाई की शाम को प्रेमी जोड़े ने राजधानी एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी थी। आसपास के लोगों ने घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को यह तक बता दिया था कि पास के ही गांव के हैं। एक ही जाति से है। दोनों के परिवार तक का ब्यौरा दे दिया था। पुलिस ने जब परिवार के लोगों को बुलाया तो उन्होंने शव पहचाने तक से इनकार कर दिया। पुलिस शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस गई तो दूसरी ओर प्रेमी जोड़े के गांव में पंचायत होने लगी।
फरमान सुना दिया कि कि न तो परिवारीजन प्रेमी युगल की शिनाख्त करेंगे और न ही ग्रामीणों द्वारा शिनाख्त की जाएगी। युवक- युवती के बीच प्रेम संबंध थे। वह शादी करना चाहते थे, लेकिन दोनों के परिवारीजन राजी नहीं थे। दोनों के परिवार को लग रहा है बच्चों ने गांव समाज के ताने बाने को चुनौती दी है। एक दूसरे से प्यार कर उनके सम्मान को कम किया है। दोनों के परिवारजनों की इसे नफरत कहे या पंचायत का खौफ, वह ‘माटी’ को माटी देने का अपना धर्म नहीं निभा रहे हैं।
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शुक्रवार को 72 घंटे का समय पूरा हो गया है। शनिवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। डीएनए जांच कराने को विसरा सुरक्षित रखकर अंतिम संस्कार करा दिया जाएगा। -अनिल कुमार, थानाध्यक्ष नगला सिंघी
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दिल्ली हावड़ा रेलवे लाइन पर स्थित बनकट रेलवे क्रासिंग के समीप 11 जुलाई की शाम को प्रेमी जोड़े ने राजधानी एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी थी। आसपास के लोगों ने घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को यह तक बता दिया था कि पास के ही गांव के हैं। एक ही जाति से है। दोनों के परिवार तक का ब्यौरा दे दिया था। पुलिस ने जब परिवार के लोगों को बुलाया तो उन्होंने शव पहचाने तक से इनकार कर दिया। पुलिस शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस गई तो दूसरी ओर प्रेमी जोड़े के गांव में पंचायत होने लगी।
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फरमान सुना दिया कि कि न तो परिवारीजन प्रेमी युगल की शिनाख्त करेंगे और न ही ग्रामीणों द्वारा शिनाख्त की जाएगी। युवक- युवती के बीच प्रेम संबंध थे। वह शादी करना चाहते थे, लेकिन दोनों के परिवारीजन राजी नहीं थे। दोनों के परिवार को लग रहा है बच्चों ने गांव समाज के ताने बाने को चुनौती दी है। एक दूसरे से प्यार कर उनके सम्मान को कम किया है। दोनों के परिवारजनों की इसे नफरत कहे या पंचायत का खौफ, वह ‘माटी’ को माटी देने का अपना धर्म नहीं निभा रहे हैं।
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शुक्रवार को 72 घंटे का समय पूरा हो गया है। शनिवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। डीएनए जांच कराने को विसरा सुरक्षित रखकर अंतिम संस्कार करा दिया जाएगा। -अनिल कुमार, थानाध्यक्ष नगला सिंघी