{"_id":"6303c1e4d8158c451e565669","slug":"73-thousand-rupees-scam-in-mnrega-work-mainpuri-news-agr544221274","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा के काम में 73 हजार का घोटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा के काम में 73 हजार का घोटाला
विज्ञापन
मैनपुरी/अजीतगंज। विकासखंड जागीर की ग्रामसभा औंग में मनरेगा के तहत कराए गए कामों में 73 हजार रुपये का घोटाला किया गया है। काम के बदले में किए गए भुगतान में घोटाले का खुलासा सोशल ऑडिट में सत्यापन के दौरान हुआ है। जांच रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट में धनराशि की रिकवरी कराए जाने की संस्तुति की गई है।
विकासखंड जागीर की ग्रामसभा औंग में एक अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक मनरेगा के तहत कराए गए कामों का सोशल ऑडिट टीम द्वारा गांव में सत्यापन किया गया है। 18 जुलाई 2022 से 21 जुलाई 2022 तक किए गए सोशल ऑडिट में टीम ने मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन के साथ ही मनरेगा मजदूरों से बात की है। सोशल ऑडिट टीम को जॉबकार्ड धारक मनरेगा मजदूरों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर मनरेगा मजदूरी के नाम पर लगभग 15 हजार रुपये का फर्जी तरीके से भुगतान किया गया है। सोशल ऑडिट टीम द्वारा अभिलेखों के आधार पर घर घर जाकर किए गए सत्यापन में खुलासा हुआ कि विकास कार्यों के नाम पर आंकलन से अधिक धनराशि का भुगतान किया गया है। प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा विकास कार्यों में आंकलन से 50 हजार रुपये अधिक का भुगतान कर दिया गया है।
पांच सदस्यीय टीम ने की जांच
सोशल ऑडिट पंाच सदस्यीय टीम ने किया है। टीम प्रभारी ब्लॉक सोशल ऑडिट कोआर्डीनेटर अविरल यादव, सदस्य प्रेमसिंह, देवसिंह, मोनी कुमारी, शीलादेवी शामिल रहीं। ऑडिट रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी को सौंप दी है।
विज्ञापन
छह जॉबकार्ड धारकों ने नहीं किया काम
मनरेगा मजदूरी के नाम पर छह महिला जॉबकार्ड धारकों को भुगतान किया गया है। जॉबकार्ड धारक महिला मजदूर विनीता, रुबी, रमा, माधवी, सोनम, सपना को मानदेय का भुगतान किया गया है। संबंधित महिलाओं द्वारा मजदूरी नहीं किए जाने की बात सोशल ऑडिट टीम को बताई है। टीम ने महिलाओं के बयानों को रिपोर्ट में शामिल किया है।
विज्ञापन
विकासखंड जागीर की ग्रामसभा औंग में एक अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक मनरेगा के तहत कराए गए कामों का सोशल ऑडिट टीम द्वारा गांव में सत्यापन किया गया है। 18 जुलाई 2022 से 21 जुलाई 2022 तक किए गए सोशल ऑडिट में टीम ने मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन के साथ ही मनरेगा मजदूरों से बात की है। सोशल ऑडिट टीम को जॉबकार्ड धारक मनरेगा मजदूरों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर मनरेगा मजदूरी के नाम पर लगभग 15 हजार रुपये का फर्जी तरीके से भुगतान किया गया है। सोशल ऑडिट टीम द्वारा अभिलेखों के आधार पर घर घर जाकर किए गए सत्यापन में खुलासा हुआ कि विकास कार्यों के नाम पर आंकलन से अधिक धनराशि का भुगतान किया गया है। प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा विकास कार्यों में आंकलन से 50 हजार रुपये अधिक का भुगतान कर दिया गया है।
विज्ञापन
पांच सदस्यीय टीम ने की जांच
सोशल ऑडिट पंाच सदस्यीय टीम ने किया है। टीम प्रभारी ब्लॉक सोशल ऑडिट कोआर्डीनेटर अविरल यादव, सदस्य प्रेमसिंह, देवसिंह, मोनी कुमारी, शीलादेवी शामिल रहीं। ऑडिट रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी को सौंप दी है।
विज्ञापन
छह जॉबकार्ड धारकों ने नहीं किया काम
मनरेगा मजदूरी के नाम पर छह महिला जॉबकार्ड धारकों को भुगतान किया गया है। जॉबकार्ड धारक महिला मजदूर विनीता, रुबी, रमा, माधवी, सोनम, सपना को मानदेय का भुगतान किया गया है। संबंधित महिलाओं द्वारा मजदूरी नहीं किए जाने की बात सोशल ऑडिट टीम को बताई है। टीम ने महिलाओं के बयानों को रिपोर्ट में शामिल किया है।