{"_id":"5c40b5abbdec22739950b58b","slug":"71547744683-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों को दे सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्य प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों को दे सम्मान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मैनपुरी। लोकतंत्र सेनानी कल्याण परिषद के पदाधिकारियों ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि बदं किए जाने पर विरोध जताया। कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने के बाद राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतंत्र सेनानियों को कई सरकारें सम्मान राशि प्रदान कर रही हैं। मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने 30 हजार रुपये सम्मान राशि एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराई थीं। जिसे सरकार बदलने के बाद बंद कर दिया गया है। सम्मान राशि और सुविधाएं बंद करना लोकतंत्र सेनानियों का अपमान है।
लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान संविधान की रक्षा करने के लिए संघर्ष किया था और हस्ते- हस्ते जेल जाकर यातनाएं सहन की थीं। यदि लोकतंत्र सेनानियों ने संघर्ष न किया होता तो आज देश में लोकतंत्र नहीं तानाशाही तंत्र होता। मांग की गई कि मध्यप्रदेश सरकार सेनानियों को सारी सुविधाएं सम्मान सहित उपलब्ध कराए।
विज्ञापन
राष्ट्रपति से मांग की गई कि मध्य प्रदेश सरकार को लोकतंत्र सेनानियों को सुविधाएं और सम्मान दिलाने का आदेश दिया जाए। इस अवसर पर सतीश अवस्थी, मथुराप्रसाद, राजेश कुमार, नेताराम, रामदास, हाकिम सिंह, श्यामनाथ आर्य, कैलाश चंद्र, राजवीर सिंह, शांती देवी, रामदत्त सिंह, रमेश चंद्र आदि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ पूर्व विधायक अशोक चौहान शामिल थे।
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतंत्र सेनानियों को कई सरकारें सम्मान राशि प्रदान कर रही हैं। मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने 30 हजार रुपये सम्मान राशि एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराई थीं। जिसे सरकार बदलने के बाद बंद कर दिया गया है। सम्मान राशि और सुविधाएं बंद करना लोकतंत्र सेनानियों का अपमान है।
विज्ञापन
लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान संविधान की रक्षा करने के लिए संघर्ष किया था और हस्ते- हस्ते जेल जाकर यातनाएं सहन की थीं। यदि लोकतंत्र सेनानियों ने संघर्ष न किया होता तो आज देश में लोकतंत्र नहीं तानाशाही तंत्र होता। मांग की गई कि मध्यप्रदेश सरकार सेनानियों को सारी सुविधाएं सम्मान सहित उपलब्ध कराए।
विज्ञापन
राष्ट्रपति से मांग की गई कि मध्य प्रदेश सरकार को लोकतंत्र सेनानियों को सुविधाएं और सम्मान दिलाने का आदेश दिया जाए। इस अवसर पर सतीश अवस्थी, मथुराप्रसाद, राजेश कुमार, नेताराम, रामदास, हाकिम सिंह, श्यामनाथ आर्य, कैलाश चंद्र, राजवीर सिंह, शांती देवी, रामदत्त सिंह, रमेश चंद्र आदि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ पूर्व विधायक अशोक चौहान शामिल थे।