{"_id":"5bb3b305867a553da22cdaf9","slug":"71538503429-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौत के मुहाने पर ले जा रहे मुफ लसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौत के मुहाने पर ले जा रहे मुफ लसी
Updated Tue, 02 Oct 2018 11:55 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज। गरीबों को सस्ता इलाज देने का सपना देखने वाला युवक आज गरीबी के कारण अपने ही इलाज को तरस रहा है। एक हादसे ने उसका सपना तो चकनाचूर कर ही दिया, साथ ही उसके परिवार के आगे भरण पोषण का संकट भी खड़ा कर दिया। युवक आज कोमा में है और चारपाई पर पड़ा आसमान की ओर टकटकी लगाए देखता रहता है। उसे देख ऐसा लगता है जैसे वह भगवान से मदद की गुहार कर रहा हो।
यह कहानी कासगंज कोतवाली क्षेत्र गांव नीवरी के चरन सिंह की है। जो सात जुलाई को हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीरावस्था में उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। सिर में चोट की वजह से हालत इतनी बिगड़ गई वह कोमा में चला गया। निजी चिकित्सालय में इलाज के खर्चे को उठाते हुए उसके परिजनों की उसकी एक बीघा जमीन भी बिक गई।
इलाज में साढ़े तीन लाख से अधिक रुपये खर्च हो गए। इसके बाद उसका मेडिकल कॉलेज में उपचार चला। इसके बाद युवक को रुपये न होने के कारण मेडिकल कॉलेज से भी घर भेज दिया गया। अब युवक गांव में अपने भाई के घर रह रहा है। युवक के पास अपना कोई मकान भी नहीं है। शासन प्रशासन से युवक की पत्नी ने मदद की गुहार भी लगाई, लेकिन अभी तक उसे कोई मदद नहीं मिली।
विज्ञापन
बस शहर कोतवाल अशोक कुमार सिंह का दिल जरूर महिला की लाचारी पर पसीज गया। वह लगातार पीड़ित परिवार की मदद कर रहे हैं। परिवार को इस मदद से कुछ राहत तो मिल रही है, लेकिन समस्या कम नहीं हो रही। पत्नी और बच्चे चरनसिंह के सही होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा। जिलाधिकारी आरपी सिंह ने पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिया है।
डाक्टर बन सेवा का था उद्देश्य
कासगंज। चरन सिंह ने चिकित्सा की शिक्षा ली थी। गरीब होने के बावजूद भी मेहनत मजदूरी कर उसने स्नातक की शिक्षा के बाद बीईएमएस चिकित्सा डिग्री ले ली थी और जल्द ही चिकित्सालय खोलने की तैयारी कर रहा था। चरन सिंह के दो बेटे हैं। अब बच्चे अपने आप को बेसहारा महसूस कर रहे हैं।
यह कहानी कासगंज कोतवाली क्षेत्र गांव नीवरी के चरन सिंह की है। जो सात जुलाई को हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीरावस्था में उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। सिर में चोट की वजह से हालत इतनी बिगड़ गई वह कोमा में चला गया। निजी चिकित्सालय में इलाज के खर्चे को उठाते हुए उसके परिजनों की उसकी एक बीघा जमीन भी बिक गई।
विज्ञापन
इलाज में साढ़े तीन लाख से अधिक रुपये खर्च हो गए। इसके बाद उसका मेडिकल कॉलेज में उपचार चला। इसके बाद युवक को रुपये न होने के कारण मेडिकल कॉलेज से भी घर भेज दिया गया। अब युवक गांव में अपने भाई के घर रह रहा है। युवक के पास अपना कोई मकान भी नहीं है। शासन प्रशासन से युवक की पत्नी ने मदद की गुहार भी लगाई, लेकिन अभी तक उसे कोई मदद नहीं मिली।
विज्ञापन
बस शहर कोतवाल अशोक कुमार सिंह का दिल जरूर महिला की लाचारी पर पसीज गया। वह लगातार पीड़ित परिवार की मदद कर रहे हैं। परिवार को इस मदद से कुछ राहत तो मिल रही है, लेकिन समस्या कम नहीं हो रही। पत्नी और बच्चे चरनसिंह के सही होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा। जिलाधिकारी आरपी सिंह ने पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिया है।
डाक्टर बन सेवा का था उद्देश्य
कासगंज। चरन सिंह ने चिकित्सा की शिक्षा ली थी। गरीब होने के बावजूद भी मेहनत मजदूरी कर उसने स्नातक की शिक्षा के बाद बीईएमएस चिकित्सा डिग्री ले ली थी और जल्द ही चिकित्सालय खोलने की तैयारी कर रहा था। चरन सिंह के दो बेटे हैं। अब बच्चे अपने आप को बेसहारा महसूस कर रहे हैं।