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516 गांवों में एक-एक रुपये का होगा हिसाब
Updated Wed, 16 May 2018 12:00 AM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर ग्राम प्रधान और सचिव मनमानी नहीं कर सकेंगे। उन्हें ग्राम पंचायतों के विकास में खर्च होने वाली धनराशि के एक-एक रुपये का हिसाब ग्राम पंचायत के पोर्टल पर दर्ज कराना होगा। सारे भुगतान ऑनलाइन होंगे। जिले की सभी 516 ग्राम पंचायतों की निधि खर्च करने के लिए ‘पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम’ नाम का पोर्टल बनाया गया है।
ग्राम पंचायतों में खुली बैठक कर कच्चे-पक्के काम, नाली खड़ंजा, हैंडपंप मरम्मत, टीटीएसपी चालू कराने, तालाब खुदाई, शौचालय निर्माण और अन्य काम कराने के लिए ग्राम प्रधान और सचिव संयुक्त रूप से चेक पर दस्तखत कर भुगतान करते हैं। इसमें कई बार ग्राम प्रधान और सचिव की मनमानी सामने आती है, लेकिन अब यह सब नहीं चलेगा।
इसके लिए ग्राम पंचायती राज विभाग ने ‘पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम’ नाम का पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल में जनपद की सभी 516 ग्राम पंचायतों का डाटा फीड कराया जा रहा है। इसमें ‘ग्राम निधि वन’ और ‘ग्राम निधि टू’ के नाम से दो एप बनाए जाएंगे। ग्राम निधि वन में ग्राम पंचायतों को दिए जाने वाले पैसे का हिसाब रहेगा।
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वहीं, ग्राम पंचायत टू में विभिन्न मदों में खर्च होने वाले पैसे का हिसाब रहेगा। अहम है कि सारे भुगतान ऑनलाइन होंगे। चेक भी जारी नहीं होंगे। डीपीआरओ डा प्रीतम सिंह ने बताया कि पीएफएमएस को जनपद में पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर लागू किया जाएगा।
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ग्राम पंचायतों में खुली बैठक कर कच्चे-पक्के काम, नाली खड़ंजा, हैंडपंप मरम्मत, टीटीएसपी चालू कराने, तालाब खुदाई, शौचालय निर्माण और अन्य काम कराने के लिए ग्राम प्रधान और सचिव संयुक्त रूप से चेक पर दस्तखत कर भुगतान करते हैं। इसमें कई बार ग्राम प्रधान और सचिव की मनमानी सामने आती है, लेकिन अब यह सब नहीं चलेगा।
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इसके लिए ग्राम पंचायती राज विभाग ने ‘पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम’ नाम का पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल में जनपद की सभी 516 ग्राम पंचायतों का डाटा फीड कराया जा रहा है। इसमें ‘ग्राम निधि वन’ और ‘ग्राम निधि टू’ के नाम से दो एप बनाए जाएंगे। ग्राम निधि वन में ग्राम पंचायतों को दिए जाने वाले पैसे का हिसाब रहेगा।
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वहीं, ग्राम पंचायत टू में विभिन्न मदों में खर्च होने वाले पैसे का हिसाब रहेगा। अहम है कि सारे भुगतान ऑनलाइन होंगे। चेक भी जारी नहीं होंगे। डीपीआरओ डा प्रीतम सिंह ने बताया कि पीएफएमएस को जनपद में पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर लागू किया जाएगा।