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बांकेबिहारी के चंदन और सर्वांग दर्शन कल
Updated Mon, 16 Apr 2018 08:22 PM IST
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कृष्णा
- फोटो : डैमो
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वृंदावन (मथुरा)। बैसाख मास में शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया पर जनजन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज सुबह चरण दर्शन और शाम को सर्वांग दर्शन देंगे। सप्त देवालयों में ठाकुरजी के सर्वांग दर्शन होंगे।
18 अप्रैल को मनाई जाने वाले अक्षय तृतीया पर्व की बांकेबिहारी मंदिर सहित सप्त देवालयों में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। अक्षय तृतीया पर गर्मी में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए सेवायत ठाकुरजी के शरीर पर चंदन का लेपन करेंगे। इसके लिए मंदिरों में चंदन घिसने का कार्य भी सेवायतों द्वारा पूरी लगन और श्रद्धा के साथ किया जा रहा है।
अक्षय तृतीया का पर्व ब्रजमंडल का एक विशेष पर्व भी माना गया है। अक्षय तृतीया पर श्रीधाम वृंदावन के राधा दामोदर, राधावल्लभ, राधागोविंद, राधा मदनमोहन, राधागोकुलानंद, राधारमण, राधा श्याम सुंदर, राधा सनेह बिहारी आदि मंदिरों में चंदन शृंगार के अद्भुत दर्शनों की तैयारियां जोरों पर हैं।
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मंदिरों को पीत वस्त्र से सजाया संवारा जा रहा है। आचार्य श्याम चतुर्वेदी नेे बताया इस तिथि को जो भी दान पुण्य किया जाता है, उसे यह तिथि अक्षय बना देती है। यह तिथि वसंत ऋतु के अंत एवं ग्रीष्म ऋतु के आगमन का पर्व है।
बांकेबिहारी पहनेंगे पाजेब
वृंदावन। अक्षय तृतीया पर विश्व प्रसिद्ध ठाकुरश्री बांके बिहारी महाराज के चरण दर्शन होते हैं और भक्त उन्हें पाजेब भेंट करते हैं। अक्षय तृतीय पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में फूलबंगला नहीं बनता है।
वृंदावन के सभी गेस्ट हाउस फुल
वृंदावन। अक्षय तृतीया पर वृंदावन के अधिकांश होटल, गेस्टहाउस और धर्मशालाएं फुल हैं। वैवाहिक समारोह के साथ ही मंदिर में होने वाले चंदन और सर्वांग दर्शन के लिए वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण लोगों को ठहरने की व्यवस्था के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
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18 अप्रैल को मनाई जाने वाले अक्षय तृतीया पर्व की बांकेबिहारी मंदिर सहित सप्त देवालयों में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। अक्षय तृतीया पर गर्मी में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए सेवायत ठाकुरजी के शरीर पर चंदन का लेपन करेंगे। इसके लिए मंदिरों में चंदन घिसने का कार्य भी सेवायतों द्वारा पूरी लगन और श्रद्धा के साथ किया जा रहा है।
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अक्षय तृतीया का पर्व ब्रजमंडल का एक विशेष पर्व भी माना गया है। अक्षय तृतीया पर श्रीधाम वृंदावन के राधा दामोदर, राधावल्लभ, राधागोविंद, राधा मदनमोहन, राधागोकुलानंद, राधारमण, राधा श्याम सुंदर, राधा सनेह बिहारी आदि मंदिरों में चंदन शृंगार के अद्भुत दर्शनों की तैयारियां जोरों पर हैं।
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मंदिरों को पीत वस्त्र से सजाया संवारा जा रहा है। आचार्य श्याम चतुर्वेदी नेे बताया इस तिथि को जो भी दान पुण्य किया जाता है, उसे यह तिथि अक्षय बना देती है। यह तिथि वसंत ऋतु के अंत एवं ग्रीष्म ऋतु के आगमन का पर्व है।
बांकेबिहारी पहनेंगे पाजेब
वृंदावन। अक्षय तृतीया पर विश्व प्रसिद्ध ठाकुरश्री बांके बिहारी महाराज के चरण दर्शन होते हैं और भक्त उन्हें पाजेब भेंट करते हैं। अक्षय तृतीय पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में फूलबंगला नहीं बनता है।
वृंदावन के सभी गेस्ट हाउस फुल
वृंदावन। अक्षय तृतीया पर वृंदावन के अधिकांश होटल, गेस्टहाउस और धर्मशालाएं फुल हैं। वैवाहिक समारोह के साथ ही मंदिर में होने वाले चंदन और सर्वांग दर्शन के लिए वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण लोगों को ठहरने की व्यवस्था के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।