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नकल माफिया को सीसीटीवी कैमरों और एसटीएफ का भय नहीं
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:50 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में 14 मुन्नाभाई पकडे़ जाने की खबर से पूरे प्रदेश में जिले की बदनामी हुई है। सीसीटीवी कैमरे और एसटीएफ के साथ योगी सरकार का भय शिक्षा माफिया की ठेकेदारी पर लगाम नहीं लगा सका।
पकडे़ जाने के बाद भी शिक्षा माफिया हावी हैं। डीआईओएस ने प्रबंधकों को प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे। कार्रवाई कुछ न हो, इसलिए शनिवार को शासन से लेकर प्रशासन से जुडे़ लोगों के साथ कालेज प्रबंधक गोटियां बिछाते रहे।
नकल का ठेका इस बार मोटे दामों में उठा। बिना कालेज आए पास की मार्कशीट दिलाने की जिम्मेदारी भी थी। यही कारण था कि कक्षा नौ एवं दसवीं के आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए गए थे, उनमें फोटो भी चस्पा नहीं किया गया था।
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एक परीक्षार्थी बैठाने का ठेका दस से 12 हजार रुपये में उठाया गया। फर्जीवाड़ा करने में तीन कालेजों के प्रबंधकों को प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। मगर प्रबंधक प्रशासन के आदेश के मानने के बजाय बचाने की जुगाड़ में लगे रहे।
प्रशासन भी उन प्रबंधकोें के खिलाफ सख्ती नहीं बरत रहा है। मामले की पोल खुली तो जिला प्रशासन का शक गहरा गया है कि यह फर्जीवाड़ा बडे़ स्तर पर हुआ है। आगे की परीक्षाओं में फर्जी छात्रों पर पूरा फोकस रहेगा। आधार से छात्र का मिलान कराने के निर्देश केंद्र व्यवस्थापकों को डीआईओएस ने दिए हैं। संदेह पर भी आनलाइन आधार का सत्यापन किया जा सकता है।
आगे भी चुनौती बनेंगे नकल माफिया
आगे की परीक्षाओं में भी नकल माफिया चुनौती बनेंगे। शिक्षा माफियाओं की पूरे साल की असली कमाई यही है। विभागीय लोगों के मुताबिक देहात क्षेत्रों में कैमरों को धोखा देकर नकल कराई जा रही है। अधिकारी शिकंजा कसने में अब तक नाकाम रहे हैं।
12 जनवरी को सुबह इतिहास की परीक्षा है। वहीं, सायं की पाली में गणित द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा है। जिसमें प्रशासन सख्ती दिखाएगा।
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पकडे़ जाने के बाद भी शिक्षा माफिया हावी हैं। डीआईओएस ने प्रबंधकों को प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे। कार्रवाई कुछ न हो, इसलिए शनिवार को शासन से लेकर प्रशासन से जुडे़ लोगों के साथ कालेज प्रबंधक गोटियां बिछाते रहे।
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नकल का ठेका इस बार मोटे दामों में उठा। बिना कालेज आए पास की मार्कशीट दिलाने की जिम्मेदारी भी थी। यही कारण था कि कक्षा नौ एवं दसवीं के आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए गए थे, उनमें फोटो भी चस्पा नहीं किया गया था।
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एक परीक्षार्थी बैठाने का ठेका दस से 12 हजार रुपये में उठाया गया। फर्जीवाड़ा करने में तीन कालेजों के प्रबंधकों को प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। मगर प्रबंधक प्रशासन के आदेश के मानने के बजाय बचाने की जुगाड़ में लगे रहे।
प्रशासन भी उन प्रबंधकोें के खिलाफ सख्ती नहीं बरत रहा है। मामले की पोल खुली तो जिला प्रशासन का शक गहरा गया है कि यह फर्जीवाड़ा बडे़ स्तर पर हुआ है। आगे की परीक्षाओं में फर्जी छात्रों पर पूरा फोकस रहेगा। आधार से छात्र का मिलान कराने के निर्देश केंद्र व्यवस्थापकों को डीआईओएस ने दिए हैं। संदेह पर भी आनलाइन आधार का सत्यापन किया जा सकता है।
आगे भी चुनौती बनेंगे नकल माफिया
आगे की परीक्षाओं में भी नकल माफिया चुनौती बनेंगे। शिक्षा माफियाओं की पूरे साल की असली कमाई यही है। विभागीय लोगों के मुताबिक देहात क्षेत्रों में कैमरों को धोखा देकर नकल कराई जा रही है। अधिकारी शिकंजा कसने में अब तक नाकाम रहे हैं।
12 जनवरी को सुबह इतिहास की परीक्षा है। वहीं, सायं की पाली में गणित द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा है। जिसमें प्रशासन सख्ती दिखाएगा।