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पांच हजार किसानों को नहीं मिला ऋण माफी का लाभ
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:10 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। शासन की ऋण मोचन योजना का लाभ पाने के लिए अभी भी किसान परेशान हैं। सूची में नाम न होने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। यहां तक कि पांच हजार किसान यूपी किसान कर्ज राहत पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
शासन की योजना के तहत जनपद में अब तक 26 हजार किसानों का ही कर्ज माफ हो पाया है। जबकि बड़ी संख्या में किसानों के नाम सूची में शामिल हैं। सूची में नाम शामिल होने के बाद भी उनका कर्ज माफ न हो पाने से परेशान हैं। बताया जाता है कि कर्ज माफी के लिए किसानों बैंकों से किसानों की सूची तैयार कराई गई।
इस सूची को तहसील प्रशासन को सौंपा गया। लेखपालों को सूची का सत्यापन कराने की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन लेखपालों ने किसानों का सत्यापन तो कर लिया लेकिन काफी संख्या में किसानों के डाटा फीड नहीं कराए। डाटा फीडिंग होने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक थी। इसके बाद पोर्टल बंद हो गया।
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पोटर्ल बंद हो जाने से उनका डाटा फीड नहीं हो पाया। किसानों ने समस्या का समाधान कराने के लिए पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराना शुरू करा दिया। अब तक पांच हजार किसान अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, जबकि यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
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शासन की योजना के तहत जनपद में अब तक 26 हजार किसानों का ही कर्ज माफ हो पाया है। जबकि बड़ी संख्या में किसानों के नाम सूची में शामिल हैं। सूची में नाम शामिल होने के बाद भी उनका कर्ज माफ न हो पाने से परेशान हैं। बताया जाता है कि कर्ज माफी के लिए किसानों बैंकों से किसानों की सूची तैयार कराई गई।
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इस सूची को तहसील प्रशासन को सौंपा गया। लेखपालों को सूची का सत्यापन कराने की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन लेखपालों ने किसानों का सत्यापन तो कर लिया लेकिन काफी संख्या में किसानों के डाटा फीड नहीं कराए। डाटा फीडिंग होने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक थी। इसके बाद पोर्टल बंद हो गया।
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पोटर्ल बंद हो जाने से उनका डाटा फीड नहीं हो पाया। किसानों ने समस्या का समाधान कराने के लिए पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराना शुरू करा दिया। अब तक पांच हजार किसान अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, जबकि यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।