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निकाय चुनाव खत्म, अब रुक विकास कार्य शुरु होने का इंतजार
Updated Mon, 04 Dec 2017 11:18 PM IST
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फिरोजाबाद। नगर निकाय चुनाव आचार संहिता लागू होने से सुहागनगरी में करोड़ों के विकास कार्य अधर में लटके हुए थे। आचार संहिता हटने के साथ थमे हुए कार्य रफ्तार पकडेे़ंगे।
नगर निगम शासन से मिले बजट के आधार पर शहर में विकास कार्य कराता है। राज्य वित्त से करीब एक करोड़ की ग्रांट कटने के कारण नगर निगम की मुश्किलें बढ़ गई थीं। इधर तत्कालीन नगर आयुक्त कमलेश कुमार के चार्ज ग्रहण करने से लेकर स्थानांतरण होने तक कोई भुगतान नहीं होने से ठेकेदारों ने विकास कार्यों का बहिष्कार कर दिया था।
नगर आयुक्त का स्थानांतरण हुआ तब नगर निकाय चुनाव आ गए। नगर निगम ने 14वें वित्त आयोग से करीब सात से आठ करोड़ के कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी थी। टेंडर आठ नवंबर को खुलने थे, लेकिन मामला शासन में पहुंचने से टेंडर प्रक्रिया बीच में रोकनी पड़ी। ठेकेदारों द्वारा डाले गए टेंडर भी अभी तक बाक्स में बंद हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री घोषणा और राज्य वित्त आयोग के करीब आठ से दस करोड़ रुपये लागत के विकास कार्य होने हैं।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने 26 अक्तूबर को निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू कर दी। अक्तूबर और नवंबर माह पूरा निकाय चुनाव में गुजर गया। नगर निगम चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मेयर और पार्षदों की घोषणा हो चुकी है। अब इंतजार है तो सिर्फ शपथ ग्रहण का। शपथ ग्रहण होने के साथ चुनावी आचार संहिता भी समाप्त हो जाएगी।
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नगर निगम शासन से मिले बजट के आधार पर शहर में विकास कार्य कराता है। राज्य वित्त से करीब एक करोड़ की ग्रांट कटने के कारण नगर निगम की मुश्किलें बढ़ गई थीं। इधर तत्कालीन नगर आयुक्त कमलेश कुमार के चार्ज ग्रहण करने से लेकर स्थानांतरण होने तक कोई भुगतान नहीं होने से ठेकेदारों ने विकास कार्यों का बहिष्कार कर दिया था।
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नगर आयुक्त का स्थानांतरण हुआ तब नगर निकाय चुनाव आ गए। नगर निगम ने 14वें वित्त आयोग से करीब सात से आठ करोड़ के कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी थी। टेंडर आठ नवंबर को खुलने थे, लेकिन मामला शासन में पहुंचने से टेंडर प्रक्रिया बीच में रोकनी पड़ी। ठेकेदारों द्वारा डाले गए टेंडर भी अभी तक बाक्स में बंद हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री घोषणा और राज्य वित्त आयोग के करीब आठ से दस करोड़ रुपये लागत के विकास कार्य होने हैं।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने 26 अक्तूबर को निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू कर दी। अक्तूबर और नवंबर माह पूरा निकाय चुनाव में गुजर गया। नगर निगम चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मेयर और पार्षदों की घोषणा हो चुकी है। अब इंतजार है तो सिर्फ शपथ ग्रहण का। शपथ ग्रहण होने के साथ चुनावी आचार संहिता भी समाप्त हो जाएगी।