{"_id":"59c68c1d4f1c1b1f688b615f","slug":"71506184221-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वविद्यालय खेलकूद में नहीं पहुंच रहीं टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वविद्यालय खेलकूद में नहीं पहुंच रहीं टीम
Updated Sat, 23 Sep 2017 10:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में टीमें बहुत कम पहुंच रही हैं। अब तक पांच प्रतियोगिताएं संपन्न हो चुकी हैं। किसी में भी पांच-छह से अधिक विद्यालयों की टीमों ने प्रतिभाग नहीं किया। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की संख्या 900 से अधिक है।
स्ववित्तपोषित की बात तो दूर, राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों की टीमें भी खेलकूद प्रतियोगिताओं में उपस्थिति नहीं दर्ज करा रही हैं। महाविद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राआें को प्रतिभा प्रदर्शन का मौका नहीं मिल रहा है। खेलकूद प्रतियोगिताएं शुरू होने से पूर्व कुलपति की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय में खेलकूद से जुड़े लोगाें की बैठक भी हुई थी। इसमें खेलकूद में अधिक से अधिक विद्यार्थियों के प्रतिभाग कराने पर चर्चा हुई थी। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया अभी तक चल रही है। स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र प्रतियोगिताआें का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं। अंतर महाविद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिताएं नॉर्थ जोन के खेल पंचांग के अनुरूप कराई जा रही हैं।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद के सहायक निदेशक अनिल कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि अंतर महाविद्यालयाें का खेलकूद पंचांग जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी डाला गया है। इसके बाद भी टीमें कम पहुंच रही हैं।
अब तक ये प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं
महिला वर्ग की वॉलीबाल, पुरुष वर्ग की खो-खो, महिला एवं पुरुष वर्ग में योग, जूडो और क्रॉस कंट्री प्रतियोगिताएं संपन्न हो चुकी हैं।
विज्ञापन
स्ववित्तपोषित की बात तो दूर, राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों की टीमें भी खेलकूद प्रतियोगिताओं में उपस्थिति नहीं दर्ज करा रही हैं। महाविद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राआें को प्रतिभा प्रदर्शन का मौका नहीं मिल रहा है। खेलकूद प्रतियोगिताएं शुरू होने से पूर्व कुलपति की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय में खेलकूद से जुड़े लोगाें की बैठक भी हुई थी। इसमें खेलकूद में अधिक से अधिक विद्यार्थियों के प्रतिभाग कराने पर चर्चा हुई थी। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया अभी तक चल रही है। स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र प्रतियोगिताआें का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं। अंतर महाविद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिताएं नॉर्थ जोन के खेल पंचांग के अनुरूप कराई जा रही हैं।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद के सहायक निदेशक अनिल कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि अंतर महाविद्यालयाें का खेलकूद पंचांग जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी डाला गया है। इसके बाद भी टीमें कम पहुंच रही हैं।
अब तक ये प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं
महिला वर्ग की वॉलीबाल, पुरुष वर्ग की खो-खो, महिला एवं पुरुष वर्ग में योग, जूडो और क्रॉस कंट्री प्रतियोगिताएं संपन्न हो चुकी हैं।