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सूरज घाट से आनंद घाट तक बहुमंजिला इमारतें हुईं जमींदोज
Updated Fri, 08 Sep 2017 07:28 PM IST
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ध्वस्तीकरण चालू रहा।
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन (मथुरा)। स्थानीय लोगों के विरोध के बीच दूसरे दिन भी यमुना खादर में विकसित हो चुके अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का अभियान शुक्रवार को भी चला। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पांच मकानों और आश्रमों की इमारतों को ढहा दिया गया।
शुक्रवार को दोपहर दो घंटे चले ध्वस्तीकरण अभियान में सूरज घाट से लेकर आनंद घाट तक पांच बड़ी बहुमंजिला इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग प्रशासनिक अधिकारियों से विरोध जताते भी नजर आए। वहीं अधिकांश लोग घरों से पलायन करते दिखे, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी तादाद में शामिल थीं। मकानों और दुकानों से सामान बटोरकर वाहनों के जरिए दूसरे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते दिखे। लोगाें की आंखों में रोष और निराशा के मिलेजुले भाव साफ देखे जा सकते थे।
इस दौरान प्रभारी विप्रा सचिव और एडीएम वित्त एवं राजस्व रवींद्र कुमार, एसपी सिटी श्रवण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट बसंत कुमार, सीओ सदर विजय शंकर मिश्र, विप्रा एक्सईएन मुकेश अग्रवाल भी मौजूदगी में छह बुलडोजरों से कृष्णा कुटीर, बांकेबिहारी बिल्डिंग मैटेरियल का गोदाम, हरिहरा आश्रम, स्नेह निकुंज, लाखन मिष्ठान भंडार की इमारतों को ध्वस्त किया।
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बुलडोजर का पहिया निकला
वृंदावन। कृष्णा कुटीर की इमारत को ध्वस्त करते समय बुलडोजर के ऊपर इमारत की दूसरी मंजिल का पूरा लिंटर गिर पड़ा। लिंटर गिरने का अहसास होते ही बुलडोजर चालक केबिन से पहले निकल भागा। इमारत के गिरने से बुलडोजर का आधा हिस्सा दब गया और पहिया निकल भागा।
खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर दर्जन भर परिवार
वृंदावन। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ध्वस्तीकरण अभियान का डंडा ऐसे चला कि राताेंरात लोगों की जिंदगी बदल गई। कल तक जो लोग छतों के नीचे चैन से अपनी जिंदगी बसर कर रहे थे अवैध कालोनियों के बाशिंदे तय हो जाने के बाद इस दंश ने लोगों के आशियाने छीन लिए हैं। लगभग एक दर्जन परिवारों ने रात खुले आसमान के नीचे मजबूरी में गुजारी। कई परिवार टेंट लगाकर नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। परिवारों ने सामान करीबियों और रिश्तेदारों के यहां शिफ्ट कर दिया है। शायद उन्हें उम्मीद है कि शासन-प्रशासन उनके लिए कोई रहमत भरी नीति लाएगा और अंधेरी रात ढलते ही हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे, लेकिन हाल-फिलहाल ऐसा होता नहीं दिखता।
ध्वस्तीकरण असंवैधानिक, देंगे धरना
वृंदावन। शासन प्रशासन पर डूब क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए स्थानीय निवासी पं. रमेश पुजारी ने रोष जताते हुए धरने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा की जा रही खादर क्षेत्र में ध्वस्तीकरण कार्रवाई पूर्णत: असंवैधानिक है, यदि प्रशासन अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। स्थानीय निवासी विवेक, केएम मिश्रा, भारत सिंह ने कहा कि गुरुवार को यमुना खादर क्षेत्र में प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान भेदभाव करते हुए गरीब जनता को ही अपना शिकार बनाया।
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शुक्रवार को दोपहर दो घंटे चले ध्वस्तीकरण अभियान में सूरज घाट से लेकर आनंद घाट तक पांच बड़ी बहुमंजिला इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग प्रशासनिक अधिकारियों से विरोध जताते भी नजर आए। वहीं अधिकांश लोग घरों से पलायन करते दिखे, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी तादाद में शामिल थीं। मकानों और दुकानों से सामान बटोरकर वाहनों के जरिए दूसरे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते दिखे। लोगाें की आंखों में रोष और निराशा के मिलेजुले भाव साफ देखे जा सकते थे।
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इस दौरान प्रभारी विप्रा सचिव और एडीएम वित्त एवं राजस्व रवींद्र कुमार, एसपी सिटी श्रवण कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट बसंत कुमार, सीओ सदर विजय शंकर मिश्र, विप्रा एक्सईएन मुकेश अग्रवाल भी मौजूदगी में छह बुलडोजरों से कृष्णा कुटीर, बांकेबिहारी बिल्डिंग मैटेरियल का गोदाम, हरिहरा आश्रम, स्नेह निकुंज, लाखन मिष्ठान भंडार की इमारतों को ध्वस्त किया।
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बुलडोजर का पहिया निकला
वृंदावन। कृष्णा कुटीर की इमारत को ध्वस्त करते समय बुलडोजर के ऊपर इमारत की दूसरी मंजिल का पूरा लिंटर गिर पड़ा। लिंटर गिरने का अहसास होते ही बुलडोजर चालक केबिन से पहले निकल भागा। इमारत के गिरने से बुलडोजर का आधा हिस्सा दब गया और पहिया निकल भागा।
खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर दर्जन भर परिवार
वृंदावन। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ध्वस्तीकरण अभियान का डंडा ऐसे चला कि राताेंरात लोगों की जिंदगी बदल गई। कल तक जो लोग छतों के नीचे चैन से अपनी जिंदगी बसर कर रहे थे अवैध कालोनियों के बाशिंदे तय हो जाने के बाद इस दंश ने लोगों के आशियाने छीन लिए हैं। लगभग एक दर्जन परिवारों ने रात खुले आसमान के नीचे मजबूरी में गुजारी। कई परिवार टेंट लगाकर नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। परिवारों ने सामान करीबियों और रिश्तेदारों के यहां शिफ्ट कर दिया है। शायद उन्हें उम्मीद है कि शासन-प्रशासन उनके लिए कोई रहमत भरी नीति लाएगा और अंधेरी रात ढलते ही हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे, लेकिन हाल-फिलहाल ऐसा होता नहीं दिखता।
ध्वस्तीकरण असंवैधानिक, देंगे धरना
वृंदावन। शासन प्रशासन पर डूब क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए स्थानीय निवासी पं. रमेश पुजारी ने रोष जताते हुए धरने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा की जा रही खादर क्षेत्र में ध्वस्तीकरण कार्रवाई पूर्णत: असंवैधानिक है, यदि प्रशासन अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। स्थानीय निवासी विवेक, केएम मिश्रा, भारत सिंह ने कहा कि गुरुवार को यमुना खादर क्षेत्र में प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान भेदभाव करते हुए गरीब जनता को ही अपना शिकार बनाया।