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डॉक्टरों को जिले में रहने का देना पड़ेगा प्रमाण पत्र
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:53 PM IST
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- फोटो : demo
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मथुरा। जिले में डेंगू और स्वाइन फ्लू तेजी से फैल रहा है। बड़ी संख्या में इन रोगों के मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। विभाग के अफसर और डॉक्टर शाम होते ही मुख्यालय छोड़कर अपने घर चले जाते हैं। डॉक्टर की अनुपस्थिति में मरीज की हालत बिगड़ने पर उसकी जान भी जा सकती है।
सीएमओ कार्यालय में महत्वपूर्ण प्रभार देख रहे तीन एसीएमओ, संक्रमण रोगों की मॉनीटरिंग कर रहे डिप्टी सीएमओ सहित करीब आधा दर्जन अधिकारी मुख्यालय पर नहीं ठहरते। इसमें सीएचसी. पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों को जोड़ा जाए तो ये आंकड़ा 15 को पार कर जाता है। इनमें से अधिकांश चिकित्सक आगरा और हाथरस से आ रहे हैं।
जिला अस्पताल की स्थिति तो और भी खराब है। यहां 12 बजते ही डॉक्टर मरीजों को छोड़कर घर चले जाते हैं। अस्पताल में सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, फिजीशियन, एनेस्थीसिया, ऑर्थोपेडिक्स, बाल एवं त्वचा रोगों के डॉक्टर पड़ोसी जिलों से आ रहे हैं।
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महिला अस्पताल और सौ शैय्या को मिलाकर डॉक्टरों की संख्या 40 को पार कर जाती है। सब जानते हुए भी अफसर अनजान बने हुए हैं। सीएमएस डॉ. विमल गुप्ता ने कहा कि हमने सभी चिकित्सकों को पत्र लिखकर स्थानीय पते का प्रमाण मंागा है।
‘स्पष्ट आदेश है कि अफसर, चिकित्सक हर हाल में मुख्यालय पर ही रुकेंगे। ऐसे में सभी अफसरों और चिकित्सकों से मुख्यालय पर ही रुकने के प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं। अनुपालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।’
डॉ. एसके त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा
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सीएमओ कार्यालय में महत्वपूर्ण प्रभार देख रहे तीन एसीएमओ, संक्रमण रोगों की मॉनीटरिंग कर रहे डिप्टी सीएमओ सहित करीब आधा दर्जन अधिकारी मुख्यालय पर नहीं ठहरते। इसमें सीएचसी. पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों को जोड़ा जाए तो ये आंकड़ा 15 को पार कर जाता है। इनमें से अधिकांश चिकित्सक आगरा और हाथरस से आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल की स्थिति तो और भी खराब है। यहां 12 बजते ही डॉक्टर मरीजों को छोड़कर घर चले जाते हैं। अस्पताल में सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, फिजीशियन, एनेस्थीसिया, ऑर्थोपेडिक्स, बाल एवं त्वचा रोगों के डॉक्टर पड़ोसी जिलों से आ रहे हैं।
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महिला अस्पताल और सौ शैय्या को मिलाकर डॉक्टरों की संख्या 40 को पार कर जाती है। सब जानते हुए भी अफसर अनजान बने हुए हैं। सीएमएस डॉ. विमल गुप्ता ने कहा कि हमने सभी चिकित्सकों को पत्र लिखकर स्थानीय पते का प्रमाण मंागा है।
‘स्पष्ट आदेश है कि अफसर, चिकित्सक हर हाल में मुख्यालय पर ही रुकेंगे। ऐसे में सभी अफसरों और चिकित्सकों से मुख्यालय पर ही रुकने के प्रमाण पत्र मांगे जा रहे हैं। अनुपालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।’
डॉ. एसके त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा