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खड़ंजा निर्माण में प्रधान और पंचायत सचिव ने किया खेल
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:22 PM IST
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- फोटो : google
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ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों के खेल का खुलासा हुआ है। जिले की ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली अनुदान राशि का ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान मिलकर खेल कर रहे हैं। ताजा मामला अवागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत बढ़ावली का है। यहां ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान ने पुरानी ईंटें लगाकर खड़ंजा बना दिया। साथ ही सरकारी धन का दुरुपयोग करकेे 25 हजार रुपये के दोहरे बिल लगाकर धन हड़प लिया। इसके अलावा दोनों ने मिलकर खड़ंजा निर्माण में मिट्टी का कम उपयोग कराया है। खास बात यह है कि डीएम के निर्देश पर हुई जांच में खेल खुलने के बाद भी डीपीआरओ ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
ग्राम पंचायत बढ़ावली में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की मनमानी और धांधली की शिकायत ग्रामीणों ने डीएम से की थी। इस पर डीएम ने डीआईओएस एसपी यादव को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने मिलकर खड़ंजा निर्माण में खेल किया है। गांव के चकरोड पर मिट्टी का काम कराने के एवज में धनराशि का गबन किया गया। साथ ही मिट्टी डालने का काम जेसीबी से हुआ, जबकि कार्य को मनरेगा श्रमिकों से कराया जाना था। इसके साथ ही खड़ंजा निर्माण का कार्य पुरानी ईंटों से ग्रामीणों ने खुद किया और इसके बिल वाउचर ग्राम प्रधान ने अन्य संस्था के नाम पर लगाकर भुगतान निकाल लिया। डीआईओएस ने जांच के दौरान ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को तलब किया, लेकिन वह कोई अभिलेख नहीं दिखा सके। डीआईओएस ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को धनराशि के दुरुपयोग का दोषी मानते हुए डीएम को जांच रिपोर्ट सौंपी है। इस पर डीएम ने डीपीआरओ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मगर अब तक डीपीआरओ ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
प्रभारी मंत्री से की शिकायत
प्रशासनिक अफसरों द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर गुरुवार को ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग से शिकायत की है। शिकायत कर्ता माधव सिंह ने बताया कि अब तक डीपीआरओ स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की है। विधायक जलेसर संजीव दिवाकर ने भी कार्रवाई नहीं होने की शिकायत प्रभारी मंत्री से की है।
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ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों के खेल का खुलासा हुआ है। जिले की ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली अनुदान राशि का ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान मिलकर खेल कर रहे हैं। ताजा मामला अवागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत बढ़ावली का है। यहां ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान ने पुरानी ईंटें लगाकर खड़ंजा बना दिया। साथ ही सरकारी धन का दुरुपयोग करकेे 25 हजार रुपये के दोहरे बिल लगाकर धन हड़प लिया। इसके अलावा दोनों ने मिलकर खड़ंजा निर्माण में मिट्टी का कम उपयोग कराया है। खास बात यह है कि डीएम के निर्देश पर हुई जांच में खेल खुलने के बाद भी डीपीआरओ ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
ग्राम पंचायत बढ़ावली में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की मनमानी और धांधली की शिकायत ग्रामीणों ने डीएम से की थी। इस पर डीएम ने डीआईओएस एसपी यादव को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने मिलकर खड़ंजा निर्माण में खेल किया है। गांव के चकरोड पर मिट्टी का काम कराने के एवज में धनराशि का गबन किया गया। साथ ही मिट्टी डालने का काम जेसीबी से हुआ, जबकि कार्य को मनरेगा श्रमिकों से कराया जाना था। इसके साथ ही खड़ंजा निर्माण का कार्य पुरानी ईंटों से ग्रामीणों ने खुद किया और इसके बिल वाउचर ग्राम प्रधान ने अन्य संस्था के नाम पर लगाकर भुगतान निकाल लिया। डीआईओएस ने जांच के दौरान ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को तलब किया, लेकिन वह कोई अभिलेख नहीं दिखा सके। डीआईओएस ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को धनराशि के दुरुपयोग का दोषी मानते हुए डीएम को जांच रिपोर्ट सौंपी है। इस पर डीएम ने डीपीआरओ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मगर अब तक डीपीआरओ ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
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प्रभारी मंत्री से की शिकायत
प्रशासनिक अफसरों द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर गुरुवार को ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग से शिकायत की है। शिकायत कर्ता माधव सिंह ने बताया कि अब तक डीपीआरओ स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की है। विधायक जलेसर संजीव दिवाकर ने भी कार्रवाई नहीं होने की शिकायत प्रभारी मंत्री से की है।
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