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सावन का पहला सोमवार आज, गूंजेंगे बम-बम के जयकारे
Updated Sun, 09 Jul 2017 11:41 PM IST
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सावन का महीना
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फिरोजाबाद। सावन का पहला सोमवार आज से शुरू हो गया है। शिवालय हर हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे हैं। प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमडे़गी। मंदिरों में दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक किया जाएगा। वहीं, शाम को मंदिरों में भव्य फूल बंगले के दर्शन होंगे।
शिवालयों में रविवार को तैयारियां चलती रहीं। मंदिरों को साफ-सफाई के बाद रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। मंदिर के महंत श्रावण मास में आने वाले भक्तों की भीड़ का अंदाजा लगाते हुए मंदिरों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में जुटे नजर आए। शहर के गोपाल आश्रम सहित मोहल्ला दुली, गल्ला मंडी, पेमेश्वरनाथ गेट स्थित शिवालयों में शाम तक श्रावण मास की तैयारी चलती रही।
300 साल से पुराना है रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर
फिरोजाबाद। गल्ला मंडी स्थित रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर प्राचीन मंदिरों में से एक है। अनंत अनूप शास्त्री ने बताया कि मंदिर करीब तीन सौ वर्ष पुराना है। मान्यता है कि 41 दिनों तक मंदिर में दीपक जलाने वाले को भगवान भोलेनाथ मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। फिरोजाबाद में रामलीला की शुरुआत यही से हुई थी। वहीं, मोहल्ला दुली स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर करीब 700 वर्ष पुराना है। राममोहन दीक्षित ने बताया कि मंदिर में नित्य पूजा करने वालों की भगवान भोलेनाथ मनोकामना पूर्ण करते हैं। यहां प्रभु रामलाल टाट वाले बाबा भी सेवा कर चुके हैं।
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उधर, शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर सांती मंदिर महाराज शांतनु के समय स्थापित हुआ था। सांती मंदिर में श्रावण मास में सैकड़ों भक्त कांवड़ चढ़ाने आते हैं। वहीं, पंचमुखी महादेव मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बताते हैं कि अंग्रेजों के जमाने में यहां भगवान शिव की छोटी सी मूर्ति थी। 15 साल पहले यहां नई मूर्ति स्थापित कराई है, जो भक्त सच्चे मन से भोलेबाबा पर बेलपत्र, अर्पित करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नित्य ही यहां फूल बंगला सजाया जाएगा। श्री पंचमुखी महादेव मंदिर के कमलकांत ने कहा कि श्रावणमास के सोमवार सर्व सिद्धयोग पड़ रहा है। कई वर्षों के बाद ऐसा है जब श्रावण मास की शुरूआत ही सोमवार के दिन से हो रही है।
दस साल बाद बना पांच सोमवार का संयोग
फिरोजाबाद। दस साल बाद इस बार सावन में पांच सोमवार आएंगे। महायोग में शिवभक्ति का विशेष महत्व है। पं. मुन्नालाल शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2007 के सावन में पांच सोमवार आए थे। सावन शिवजी का प्रिय मास है। इस अवधि में पांच सोमवार आने का विशेष महत्व है। इस दौरान शिवलिंग का पूजन अभिषेक करने से अभिष्ट सिद्धि की प्राप्ति होती है। शिवजी पूजन से गृह क्लेश से भी मुक्ति मिलती है।
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शिवालयों में रविवार को तैयारियां चलती रहीं। मंदिरों को साफ-सफाई के बाद रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। मंदिर के महंत श्रावण मास में आने वाले भक्तों की भीड़ का अंदाजा लगाते हुए मंदिरों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में जुटे नजर आए। शहर के गोपाल आश्रम सहित मोहल्ला दुली, गल्ला मंडी, पेमेश्वरनाथ गेट स्थित शिवालयों में शाम तक श्रावण मास की तैयारी चलती रही।
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300 साल से पुराना है रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर
फिरोजाबाद। गल्ला मंडी स्थित रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर प्राचीन मंदिरों में से एक है। अनंत अनूप शास्त्री ने बताया कि मंदिर करीब तीन सौ वर्ष पुराना है। मान्यता है कि 41 दिनों तक मंदिर में दीपक जलाने वाले को भगवान भोलेनाथ मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। फिरोजाबाद में रामलीला की शुरुआत यही से हुई थी। वहीं, मोहल्ला दुली स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर करीब 700 वर्ष पुराना है। राममोहन दीक्षित ने बताया कि मंदिर में नित्य पूजा करने वालों की भगवान भोलेनाथ मनोकामना पूर्ण करते हैं। यहां प्रभु रामलाल टाट वाले बाबा भी सेवा कर चुके हैं।
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उधर, शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर सांती मंदिर महाराज शांतनु के समय स्थापित हुआ था। सांती मंदिर में श्रावण मास में सैकड़ों भक्त कांवड़ चढ़ाने आते हैं। वहीं, पंचमुखी महादेव मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बताते हैं कि अंग्रेजों के जमाने में यहां भगवान शिव की छोटी सी मूर्ति थी। 15 साल पहले यहां नई मूर्ति स्थापित कराई है, जो भक्त सच्चे मन से भोलेबाबा पर बेलपत्र, अर्पित करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नित्य ही यहां फूल बंगला सजाया जाएगा। श्री पंचमुखी महादेव मंदिर के कमलकांत ने कहा कि श्रावणमास के सोमवार सर्व सिद्धयोग पड़ रहा है। कई वर्षों के बाद ऐसा है जब श्रावण मास की शुरूआत ही सोमवार के दिन से हो रही है।
दस साल बाद बना पांच सोमवार का संयोग
फिरोजाबाद। दस साल बाद इस बार सावन में पांच सोमवार आएंगे। महायोग में शिवभक्ति का विशेष महत्व है। पं. मुन्नालाल शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2007 के सावन में पांच सोमवार आए थे। सावन शिवजी का प्रिय मास है। इस अवधि में पांच सोमवार आने का विशेष महत्व है। इस दौरान शिवलिंग का पूजन अभिषेक करने से अभिष्ट सिद्धि की प्राप्ति होती है। शिवजी पूजन से गृह क्लेश से भी मुक्ति मिलती है।