{"_id":"612bec1b8ebc3e6ee33a0255","slug":"68-colleges-of-mathura-will-have-to-remove-the-shortcomings-agra-news-agr5056254164","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा के 68 कॉलेजों को कमियां दूर कर देना होगा प्रमाण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा के 68 कॉलेजों को कमियां दूर कर देना होगा प्रमाण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध मथुरा के उन 68 कॉलेजों के लिए राहत की खबर है, जिनकी संबद्धता अग्रिम आदेशों तक स्थगित की गई है। कॉलेज यदि दस दिन के अंदर अपने यहां की कमियां दूर करके विश्वविद्यालय को प्रमाण देते हैं तो उनको शैक्षणिक सत्र 2021-22 में छात्र-छात्राओं का प्रवेश लेने की अनुमति दे दी जाएगी।
विधानसभा सदस्य पूरन प्रकाश की शिकायत पर मथुरा के सभी 128 कॉलेजों की विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समिति बनाकर जांच कराई गई थी। इसमें कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता देखी गई।
जांच समिति की रिपोर्ट को विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में रखा गया। इसमें 24 कॉलेजों की स्थिति संतोषजनक पाई गई थी। 31 कॉलेजों को कमियां दूर करने का अवसर दिया गया। ऐसा न करने पर सीट में 50 फीसदी कटौती करने का निर्णय लिया गया। पांच कॉलेजों की मान्यता समाप्त करने और 68 कॉलेजों की संबद्धता अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दी गई।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि 68 कॉलेजों को उनके यहां पाई गई कमियों को दूर करने का अवसर दिया जा रहा है। संबंधित सभी कॉलेजों को विश्वविद्यालय की ओर से पत्र जारी कर दिया गया है। इनको दस दिन के अंदर कमियां दूर करके साक्ष्य विश्वविद्यालय में देना है।
विश्वविद्यालय स्तर से इसका सत्यापन कराकर कॉलेजों को छात्र-छात्राओं का प्रवेश लेने की अनुमति दे दी जाएगी। प्रभारी कुलपति ने बताया कि जो कॉलेज कमियां दूर करके रिपोर्ट नहीं देते, उनकी जानकारी शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से इन कॉलेजों पर निर्णय लिया जाएगा।
कॉलेजों के कोर्ट में जाने की थी संभावना
विश्वविद्यालय के निर्णय से कॉलेजों के कोर्ट का रुख करने की संभावना थी। कॉलेजों की संबद्धता विश्वविद्यालय की ओर से अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दी गई, पर उनके यहां पाई गई कमियों को दूर करने का अवसर नहीं दिया था। कॉलेज कोर्ट न जाएं, इसलिए विश्वविद्यालय ने उनको कॉलेज संचालन के लिए एक अवसर दिया है।
विज्ञापन
विधानसभा सदस्य पूरन प्रकाश की शिकायत पर मथुरा के सभी 128 कॉलेजों की विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समिति बनाकर जांच कराई गई थी। इसमें कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता देखी गई।
विज्ञापन
जांच समिति की रिपोर्ट को विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में रखा गया। इसमें 24 कॉलेजों की स्थिति संतोषजनक पाई गई थी। 31 कॉलेजों को कमियां दूर करने का अवसर दिया गया। ऐसा न करने पर सीट में 50 फीसदी कटौती करने का निर्णय लिया गया। पांच कॉलेजों की मान्यता समाप्त करने और 68 कॉलेजों की संबद्धता अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दी गई।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि 68 कॉलेजों को उनके यहां पाई गई कमियों को दूर करने का अवसर दिया जा रहा है। संबंधित सभी कॉलेजों को विश्वविद्यालय की ओर से पत्र जारी कर दिया गया है। इनको दस दिन के अंदर कमियां दूर करके साक्ष्य विश्वविद्यालय में देना है।
विश्वविद्यालय स्तर से इसका सत्यापन कराकर कॉलेजों को छात्र-छात्राओं का प्रवेश लेने की अनुमति दे दी जाएगी। प्रभारी कुलपति ने बताया कि जो कॉलेज कमियां दूर करके रिपोर्ट नहीं देते, उनकी जानकारी शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से इन कॉलेजों पर निर्णय लिया जाएगा।
कॉलेजों के कोर्ट में जाने की थी संभावना
विश्वविद्यालय के निर्णय से कॉलेजों के कोर्ट का रुख करने की संभावना थी। कॉलेजों की संबद्धता विश्वविद्यालय की ओर से अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दी गई, पर उनके यहां पाई गई कमियों को दूर करने का अवसर नहीं दिया था। कॉलेज कोर्ट न जाएं, इसलिए विश्वविद्यालय ने उनको कॉलेज संचालन के लिए एक अवसर दिया है।