{"_id":"60e494058ebc3e549969a185","slug":"67-lakh-saplings-planted-in-three-years-are-not-available-on-the-spot-agra-news-agr4987229106","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन साल में 67 लाख लगे पौधे, मौके पर नहीं मिल रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन साल में 67 लाख लगे पौधे, मौके पर नहीं मिल रहे
विज्ञापन
फिरोजाबाद। सुहागनगरी के दामन को हरा-भरा बनाने को विगत तीन वर्षों में लगाए गए पौधे धरातल पर नहीं है। तीन वर्षों में जिले में करीब 67 लाख, 966 पौधे रोपे गए लेकिन यह पौधे मौके पर अब मिल नहीं रहे है। प्रशासन ने जिन जगहों पर पौधे रोपे थे वहां पर खाली ट्री गार्ड पौधरोपण अभियान की पोल खोल रहे हैं।
टीटीजेड एरिया फिरोजाबाद की पर्यावरण को हरा भरा रखने को तमाम कोशिश हुईं। पौधरोपण अभियान के दौरान वर्ष 2018 में 15.68 लाख, पौधे, वर्ष 2019 में 22 लाख,90966 और 2020 में करीब 28.50 लाख पौधे लगाए गए। इनमें से वन विभाग द्वारा यमुना की तलहटी अथवा अन्य वन्य क्षेत्रों में करीब 39.62 लाख पौधे रोपित किए। वहीं अन्य विभागों द्वारा तीन वर्षों में करीब 27 लाख 38560 पौधों का रोपण कराया गया। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार वन विभाग द्वारा यमुना किनारे रोपे गए पौधों में अधिकांश पौधे अब बड़े हो चुके हैं लेकिन विभाग के ये आंकड़े गले नहीं उतर रहे।
वन विभाग की एक रिपोर्ट पर गौर करें तो शहरी निकायों व अन्य विभागों द्वारा रोपे गए कुल 27 लाख, 38000 पौधों में से करीब 6.5 लाख पौधे रखरखाव एवं उचित देखभाल के अभाव में जमीदोंज हो गए जबकि 21 लाख पौधे अभी भी फाइलों में हरे भरे हैं, लेकिन यह पौधे कहां पर लगे, यह बताने में भी वन विभाग व अन्य विभागों के जिम्मेदार बच रहे हैं।
विज्ञापन
पौधरोपण किया, रखरखाव का नहीं रखा ध्यान
नगर निगम के जिम्मेदारों ने दो दिन पूर्व गांधी पार्क व अन्य जगहों पर पौधों का रोपण किया लेकिन पौधे लगाने के बाद भी उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय नहीं की। ट्री गार्ड तक नहीं लगाया, न ही पौधों की सिंचाई की। इसके कारण महज 48 घंटे बाद ही पौधे सूखने लगे हैं।
यहां भी नहीं दिखी पौधरोपण के प्रति संजीदगी
कलेक्ट्रेट के ठीक सामने वर्ष 2019 में करीब 2000 पौधों का रोपण हुआ। सभी पर ट्रीगार्ड भी लगाए गए लेकिन वर्तमान समय में अधिकांश ट्रीगार्ड खाली हैं। सबसे बेकदरी बीएसए कार्यालय के सामने रोपे पौधों की हुई। यहां अधिकांश ट्रीगार्ड शोपीस की भांति खड़े हैं।
तीन साल में खर्च कर दिए एक करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक
वन विभाग की रिपोर्ट की माने तो तीन वर्ष में जिले में 67 लाख, 966 पौधे लगाए गए। इन पौधों के रोपण पर वन विभाग ने एक करोड़ 32 लाख 68 हजार रुपये की धनराशि खर्च की। हालांकि वन विभाग को छोड़कर अन्य विभागों को ट्री गार्ड की मद में कोई पैसा नहीं दिया गया। इन विभागों ने नहीं दिखाई संजीदगी-
ग्राम विकास, बीएसए, उद्यान एवं कृषि विभाग के अलावा रेशम, प्रदूषण नियंत्रण व उद्योग विभाग ने रोये गए पौधों की उचित देेखभाल नहीं की।
मौसम की मार अथवा अन्य कारणों से नई पौध कई बार विकसित नहीं हो पाती। एक आंकलन के अनुसार कुल रोपे पौधों में 10-15 पौधे खत्म हो जाते हैं। पूर्व में रोपे जो पौधे मृत हो चुके हैं। उन जगहों को चिह्नित कर नए पौध लगवा रहे हैं।
स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव, डीएफओ
गांधी पार्क अथवा अन्य जिन जगहों पर पौधरोपण कराया है। उन जगहों पर ईंटों की बैरिकेडिंग करा रहे हैं। ताकि पौधे सुरक्षित रहें। नगर निगम क्षेत्र में रोपे पौधों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता है।
विजय कुमार, नगर आयुक्त
विज्ञापन
टीटीजेड एरिया फिरोजाबाद की पर्यावरण को हरा भरा रखने को तमाम कोशिश हुईं। पौधरोपण अभियान के दौरान वर्ष 2018 में 15.68 लाख, पौधे, वर्ष 2019 में 22 लाख,90966 और 2020 में करीब 28.50 लाख पौधे लगाए गए। इनमें से वन विभाग द्वारा यमुना की तलहटी अथवा अन्य वन्य क्षेत्रों में करीब 39.62 लाख पौधे रोपित किए। वहीं अन्य विभागों द्वारा तीन वर्षों में करीब 27 लाख 38560 पौधों का रोपण कराया गया। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार वन विभाग द्वारा यमुना किनारे रोपे गए पौधों में अधिकांश पौधे अब बड़े हो चुके हैं लेकिन विभाग के ये आंकड़े गले नहीं उतर रहे।
विज्ञापन
वन विभाग की एक रिपोर्ट पर गौर करें तो शहरी निकायों व अन्य विभागों द्वारा रोपे गए कुल 27 लाख, 38000 पौधों में से करीब 6.5 लाख पौधे रखरखाव एवं उचित देखभाल के अभाव में जमीदोंज हो गए जबकि 21 लाख पौधे अभी भी फाइलों में हरे भरे हैं, लेकिन यह पौधे कहां पर लगे, यह बताने में भी वन विभाग व अन्य विभागों के जिम्मेदार बच रहे हैं।
विज्ञापन
पौधरोपण किया, रखरखाव का नहीं रखा ध्यान
नगर निगम के जिम्मेदारों ने दो दिन पूर्व गांधी पार्क व अन्य जगहों पर पौधों का रोपण किया लेकिन पौधे लगाने के बाद भी उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय नहीं की। ट्री गार्ड तक नहीं लगाया, न ही पौधों की सिंचाई की। इसके कारण महज 48 घंटे बाद ही पौधे सूखने लगे हैं।
यहां भी नहीं दिखी पौधरोपण के प्रति संजीदगी
कलेक्ट्रेट के ठीक सामने वर्ष 2019 में करीब 2000 पौधों का रोपण हुआ। सभी पर ट्रीगार्ड भी लगाए गए लेकिन वर्तमान समय में अधिकांश ट्रीगार्ड खाली हैं। सबसे बेकदरी बीएसए कार्यालय के सामने रोपे पौधों की हुई। यहां अधिकांश ट्रीगार्ड शोपीस की भांति खड़े हैं।
तीन साल में खर्च कर दिए एक करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक
वन विभाग की रिपोर्ट की माने तो तीन वर्ष में जिले में 67 लाख, 966 पौधे लगाए गए। इन पौधों के रोपण पर वन विभाग ने एक करोड़ 32 लाख 68 हजार रुपये की धनराशि खर्च की। हालांकि वन विभाग को छोड़कर अन्य विभागों को ट्री गार्ड की मद में कोई पैसा नहीं दिया गया। इन विभागों ने नहीं दिखाई संजीदगी-
ग्राम विकास, बीएसए, उद्यान एवं कृषि विभाग के अलावा रेशम, प्रदूषण नियंत्रण व उद्योग विभाग ने रोये गए पौधों की उचित देेखभाल नहीं की।
मौसम की मार अथवा अन्य कारणों से नई पौध कई बार विकसित नहीं हो पाती। एक आंकलन के अनुसार कुल रोपे पौधों में 10-15 पौधे खत्म हो जाते हैं। पूर्व में रोपे जो पौधे मृत हो चुके हैं। उन जगहों को चिह्नित कर नए पौध लगवा रहे हैं।
स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव, डीएफओ
गांधी पार्क अथवा अन्य जिन जगहों पर पौधरोपण कराया है। उन जगहों पर ईंटों की बैरिकेडिंग करा रहे हैं। ताकि पौधे सुरक्षित रहें। नगर निगम क्षेत्र में रोपे पौधों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता है।
विजय कुमार, नगर आयुक्त