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लेखपाल ने पत्नी के नाम बैनामा कराई पट्टे की जमीन, निलंबित
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:02 AM IST
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किशनी। कागजों में फर्जीवाड़ा करके लेखपाल ने 15 बीघा पट्टे की जमीन में से आधी जमीन अपनी पत्नी के नाम बैनामा करा दी। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने लेखपाल को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया है। मामला हरचंद्रपुर ग्रामसभा का है।
हरचंद्रपुर ग्रामसभा के गांव खरगपुर में कमला देवी पुत्री मोहन स्वरुप के नाम पट्टे की 15 बीघा जमीन 1989 से दर्ज चली आ रही थी। जनवरी से फरवरी के बीच 15 बीघा जमीन हड़पने के लिए मुन्नी देवी पत्नी रमेश सिंह उर्फ मुनेश्वर सिंह ने इसी ग्रामसभा में तैनात लेखपाल धीरज कुमार के साथ मिलकर योजना बना डाली।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार पहले आधार कार्ड में जालसाजी कर मुन्नी देवी को कमला देवी बनाया गया। इसके बाद आधी जमीन लेखपाल धीरज की पत्नी विनय प्रिया के नाम बैनामा करा दी गई। मामले की शिकायत ग्राम प्रधान सुखदेव तोमर और गांव के ही आशीष चौहान ने डीएम प्रदीप कुमार से की।
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शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम अशोक प्रताप को मामले की जांच सौंप दी।
खुद को फंसता देख अप्रैल माह में लेखपाल धीरज ने मुन्नी देवी को कमला देवी उर्फ मुन्नी देवी के नाम से मूलनिवास प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया। यह शिकायत भी लोगों ने एसडीएम से की। जांच में एसडीएम ने लेखपाल धीरज को दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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हरचंद्रपुर ग्रामसभा के गांव खरगपुर में कमला देवी पुत्री मोहन स्वरुप के नाम पट्टे की 15 बीघा जमीन 1989 से दर्ज चली आ रही थी। जनवरी से फरवरी के बीच 15 बीघा जमीन हड़पने के लिए मुन्नी देवी पत्नी रमेश सिंह उर्फ मुनेश्वर सिंह ने इसी ग्रामसभा में तैनात लेखपाल धीरज कुमार के साथ मिलकर योजना बना डाली।
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शिकायतकर्ताओं के अनुसार पहले आधार कार्ड में जालसाजी कर मुन्नी देवी को कमला देवी बनाया गया। इसके बाद आधी जमीन लेखपाल धीरज की पत्नी विनय प्रिया के नाम बैनामा करा दी गई। मामले की शिकायत ग्राम प्रधान सुखदेव तोमर और गांव के ही आशीष चौहान ने डीएम प्रदीप कुमार से की।
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शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम अशोक प्रताप को मामले की जांच सौंप दी।
खुद को फंसता देख अप्रैल माह में लेखपाल धीरज ने मुन्नी देवी को कमला देवी उर्फ मुन्नी देवी के नाम से मूलनिवास प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया। यह शिकायत भी लोगों ने एसडीएम से की। जांच में एसडीएम ने लेखपाल धीरज को दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।