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1500 रुपये की रीजेंट नहीं खरीदी, खराब हो गईं आठ लाख की मशीनें
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:32 PM IST
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मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के कारण जिला अस्पताल के रक्त जांच केंद्र में लगी दो महत्वपूर्ण मशीनें खराब हो गई हैं। इसके कारण रीजेंट की कमी रही है।
इसके चलते सात माह मशीनें बंद रहीं। जिला अस्पताल के रक्त जांच केंद्र में दो साल पहले सपा शासन में सीबीसी एनालाइजर और सेमी ऑटो एनालाइजर मशीनें मंगाई गई थीं।
सीबीसी जांच के लिए सुविधाजनक हैं। इसके बाद जिला अस्पताल में ही मरीजों की सीबीसी जांच कराई जा रही थी। पिछले सात माह से इन मशीनों में प्रयोग किया जाने वाला रीजेंट नहीं था।
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इसके चलते सात महीने मशीनें रखी रहीं। अब जब विभाग ने रीजेंट उपलबब्ध कराया तो सात माह से रखीं मशीनें खराब हो गईं। विभागीय सूत्रों की मानें तो मशीनों को दुरुस्त कराने में ढाई लाख रुपये की जरूरत है।
रीजेंट एक प्रकार का तरल पदार्थ है, जो मशीनों में रक्त की सूखी धुलाई का कार्य करता है। इसकी 20 लीटर की कट्टी (जिसे रिन्स कहते हैं।) की कीमत बाजार में 1500 रुपये है।
एक रिंस एक महीने से अधिक समय तक प्रयोग की जाती है। विभाग 1500 रुपये की रिंस उपलब्ध नहीं करा पाया, जिसके चलते लाखों रुपये की मशीन खराब कर दी।
सीबीसी एनालाइजर और सेमी ऑटो एनालाइजर मशीन खराब होने के कारण बुखार, डायरिया, पेट दर्द, सांस, हृदय रोग आदि से पीड़ित होने वाले मरीजों की जांच प्रभावित हो रही है।
सीबीसी का मतलब कंप्लीट ब्लड काउंट से है। सीबीसी जांच से एनीमियां और संक्रमण से लेकर कैंसर तक की जानकारी प्राप्त होती है।
दोनों ही मशीनें एनसीडी विभाग के तहहत आती हैं, जिसकी देखभाल सीएमओ के यहां से होती है। रीजेंट को लेकर कई बार सीएमओ को लिखा गया। अब मशीन खराब हुई हैं इसकी जानकारी भी सीएमओ को भेजी जा रही है।-डॉ.आरके सागर, सीएमएस
मुझे इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। मशीनें खराब हुई हैं तो उनको दुरुस्त कराया जाएगा। रीजेंट की कमी के संबंध में उनके कार्यकाल में कोई जानकारी नहीं दी गई। -डॉ. एके पांडेय, सीएमओ
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इसके चलते सात माह मशीनें बंद रहीं। जिला अस्पताल के रक्त जांच केंद्र में दो साल पहले सपा शासन में सीबीसी एनालाइजर और सेमी ऑटो एनालाइजर मशीनें मंगाई गई थीं।
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सीबीसी जांच के लिए सुविधाजनक हैं। इसके बाद जिला अस्पताल में ही मरीजों की सीबीसी जांच कराई जा रही थी। पिछले सात माह से इन मशीनों में प्रयोग किया जाने वाला रीजेंट नहीं था।
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इसके चलते सात महीने मशीनें रखी रहीं। अब जब विभाग ने रीजेंट उपलबब्ध कराया तो सात माह से रखीं मशीनें खराब हो गईं। विभागीय सूत्रों की मानें तो मशीनों को दुरुस्त कराने में ढाई लाख रुपये की जरूरत है।
रीजेंट एक प्रकार का तरल पदार्थ है, जो मशीनों में रक्त की सूखी धुलाई का कार्य करता है। इसकी 20 लीटर की कट्टी (जिसे रिन्स कहते हैं।) की कीमत बाजार में 1500 रुपये है।
एक रिंस एक महीने से अधिक समय तक प्रयोग की जाती है। विभाग 1500 रुपये की रिंस उपलब्ध नहीं करा पाया, जिसके चलते लाखों रुपये की मशीन खराब कर दी।
सीबीसी एनालाइजर और सेमी ऑटो एनालाइजर मशीन खराब होने के कारण बुखार, डायरिया, पेट दर्द, सांस, हृदय रोग आदि से पीड़ित होने वाले मरीजों की जांच प्रभावित हो रही है।
सीबीसी का मतलब कंप्लीट ब्लड काउंट से है। सीबीसी जांच से एनीमियां और संक्रमण से लेकर कैंसर तक की जानकारी प्राप्त होती है।
दोनों ही मशीनें एनसीडी विभाग के तहहत आती हैं, जिसकी देखभाल सीएमओ के यहां से होती है। रीजेंट को लेकर कई बार सीएमओ को लिखा गया। अब मशीन खराब हुई हैं इसकी जानकारी भी सीएमओ को भेजी जा रही है।-डॉ.आरके सागर, सीएमएस
मुझे इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। मशीनें खराब हुई हैं तो उनको दुरुस्त कराया जाएगा। रीजेंट की कमी के संबंध में उनके कार्यकाल में कोई जानकारी नहीं दी गई। -डॉ. एके पांडेय, सीएमओ